नारियल तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान – Coconut Oil Benefits, Uses And Side Effects in Hindi

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उपक्षेप – Introduction

नारियल तेल पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल शरीर से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आमतौर पर नारियल तेल का इस्तेमाल बालों के लिए और शरीर की मालिश के लिए होता है, लेकिन दक्षिण भारत में इस तेल का उपयोग भोजन बनाने के लिए भी किया जाता है। इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों को देखते हुए नारियल तेल पर कई शोध किए गए हैं, जिनमें इसके कई औषधीय गुणों के बारे में पता चला है। चलिए, इस लेख में इन गुण के साथ ही सेहत और सौंदर्य के लिए नारियल तेल के फायदे और नारियल तेल के उपयोग के बारे में जानते हैं।

सर्वे के अनुसार 26 फीसदी यानी एक चौथाई से अधिक लोग अपने बालों की सुरक्षा और सेहत के लिए कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल करते हैं। जबकि, 22 प्रतिशत से अधिक है जो इसका इस्तेमाल खाना पकाने के लिए करते हैं।

36 फीसदी यानी एक तिहाई से अधिक लोग नारियल का सेवन अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग रूपों और तरीकों में करते हैं।हालांकि, 11 फीसदी ऐसे भी लोग हैं जो नारियल पसंद नहीं करते हैं।

नारियल तेल क्या है – What is Coconut Oil in Hindi?

नारियल न केवल खाने के बल्कि लगाने के भी बहुत उपयोगी होता है। नारियल तेल के तेल को गरी का तेल भी कहा जाता है। जो नारियल के पेड़ (कोकोस न्यूसीफेरा) के फलों से पाया जाता है। यह इसके पके हुए फल के गूदे या सार से निकाला जाता है। लोग इसका सेवन आहार के तौर पर भी करते हैं, साथ ही यह पानी का भी उच्च स्रोत होता है। इसका इस्तेमाल खाना पकाने और तलने के लिए किया जाता है।कोकोनट का तेल बॉडी मॉइस्चराइजर के लिए भी एक अच्छा विकल्प होता है। कोकोनट में 200 से 250 एमएल पानी होता है। इसके पानी में विटामिन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम व फाइबर जैसे कई पोषक तत्व भी होते हैं। कोकोनट वॉटर को एंटीऑक्सीडेंट का प्रमुख स्रोत भी माना गया है। यही वजह है कि नारियल का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है।

नारियल तेल के प्रकार – Types of Coconut Oil in Hindi

नारियल तेल कई प्रकार के होते है जो मार्केट में उपलब्ध है। परन्तु उनका सही चुनाव करने के लिए आपको यह पता होना आवश्यक है की कोनसा तेल हमारे शरीर के लिए अच्छा है, तो चलिए जानते है नारियल के तेल के प्रकार कौन कौन से होते है –

रिफाइंड नारियल तेल : यह सूखे हुए नारियल से प्राप्त किया जाता है। इसे एक ऐसी प्रक्रिया से गुजर कर प्राप्त किया जाता है, जिस से इसमें मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाये और इसे अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसमें कुछ सफेद रंग का भी इस्तेमाल किया जाता है जिससे इसमें नेचुरल स्मेल और स्वाद बना रहे।

आर्गेनिक नारियल तेल : यह तेल सीधे पेड़ से तोड़े गए नारियल से बनाया जाता है और इसमें किसी भी प्रकार का रसायन इस्तेमाल नहीं होता इस तेल में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते है।

नॉन ऑर्गेनिक नारियल तेल : यह तेल रासायनिक खाद के इस्तेमाल पेड़ों से प्राप्त नारियल से बनाया जाता है।

वर्जिन या अनरिफाइंड नारियल तेल : यह वह तेल है जो मार्केट में अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध होता है क्योंकि यह पूरी तरह से शुद्ध एवं ताजा नारियलो से बना होता है। आप इसे वर्जिन कोकोनट ऑयल नाम से भी जानते होंगे। यह तेल अन्य तेलों की अपेक्षा ज्यादा फायदेमंद होता है। इसलिए अगर आप नारियल तेल के फायदे उठाने के बारे में सोच रहे है तो आप इसे चुन सकते है।

नारियल तेल के पोषण तथ्य – Nutritional Facts of Coconut Oil in Hindi

नारियल का तेल लॉरिक एसिड में समृद्ध होता है, जो संतृप्त वसा का एक प्रकार है। हालांकि संतृप्त वसा को स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन नारियल के तेल में संतृप्त वसा का प्रकार अच्छे कोलेस्ट्रॉल या एचडीएल के स्तर को बढ़ाता है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।

यूएसडीए पोषक डेटाबेस के अनुसार 100 ग्राम नारियल तेल का पोषण मूल्य इस प्रकार है :

पोषक तत्त्व (मूल्य प्रति 100 ग्राम) :

  • पानी: 0.03 ग्राम
  • ऊर्जा: 892 किलो कैलोरी
  • वसा: 99.06 ग्राम

खनिज पदार्थ (मूल्य प्रति 100 ग्राम) :

  • कैल्शियम: 1 मि.ग्रा
  • आयरन: 0.05 मि.ग्रा
  • जस्ता: 0.02 मि.ग्रा

विटामिन (मूल्य प्रति 100 ग्राम) :

  • विटामिन ई: 0.11 मि.ग्रा
  • विटामिन के: 0.6 µg

वसा / फैटी एसिड (मूल्य प्रति 100 ग्राम) :

  • संतृप्त: 82.475 ग्राम
  • एकल असंतृप्त: 6.332 ग्राम
  • बहुअसंतृप्त: 1.702 ग्राम
  • ट्रांस: 0.028 ग्राम

नारियल तेल के फायदे – Benefits of Coconut Oil in Hindi

सेहत के लिए नारियल के तेल के फायदे बहुत हैं। यह तेल वजन घटाने से लेकर मधुमेह जैसी समस्याओं से निजात दिलाने का काम कर सकता है। नारियल के तेल के फायदे में हृदय संबंधी लाभ भी शामिल है। बस ध्यान दें कि यह गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं है। यह महज स्वस्थ रहने का एक जरिया हो सकता है। आइए, आगे विस्तार से जानते हैं कि यह तेल शरीर के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है।

1. वजन घटाने के लिए – नारियल तेल का उपयोग वजन घटाने के लिए भी किया जा सकता है। दरअसल, नारियल के तेल में मीडियम चेन फैटी एसिड (एमसीएफए) जैसे लॉरिक एसिड, कैप्रेलिक एसिड और कैपरिक एसिड होते हैं। यह वजन कम करने वाली डाइट का एक मुख्य हिस्सा माना जाता है। इसी आधार में माना जाता है कि वजन घटाने में नारियल तेल मदद कर सकता है।

हालांकि, कुछ रिसर्च यह भी कहती हैं कि यह स्पष्ट नहीं है कि नारियल तेल अधिक वजन और मोटापे को कम करने में मदद करता है या नहीं। इसी वजह से इसको लेकर अधिक शोध किया जाना चाहिए। नारियल तेल के साथ ही वजन घटाने के लिए योग करना भी जरूरी है।

2. पाचन स्वास्थ्य के लिए – नारियल तेल के फायदे में पाचन स्वास्थ्य में सुधार भी शामिल है। दरअसल, नारियल तेल को हेल्दी ऑयल माना जाता है, जो पाचन को बेहतर करने में मददगार हो सकता है। बताया गया है कि नारियल तेल का उपयोग खाना पकाने में किया जाए, तो यह पाचन तंत्र को बेहतर कर सकता है। इससे पाचन तंत्र ही सही नहीं होता बल्कि इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (कब्ज, डायरिया, गैस आदि) से जुड़ी समस्या को भी कम करने में सहायक हो सकता है।

3. दौरा रोकने में – नारियल तेल दौरों को रोकने में भी मदद कर सकता है। जी हां, नारियल में एंटी कॉन्वेंट गुण होते हैं। यह एक तरह से मिर्गी के दौरे के ड्रग के रूप में कार्य करता है। इसी वजह से माना जाता है कि नारियल तेल से दौरे की समस्या में कुछ हद तक लाभ मिल सकता है। इसके अलावा, नारियल तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव और मीडियम चेन फैटी एसिड मिर्गी की समस्या को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

4. डायबिटीज – नारियल तेल खाने के फायदे में मधुमेह भी शामिल है। दरअसल, मधुमेह को नियंत्रित करने में डाइट का बहुत बड़ा योगदान होता है। एक रिसर्च में कहा गया है कि वर्जिन कोकोनट ऑयल में डायबिटीज कंट्रोल करने की क्षमता होती है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करना नुकसानदायक भी हो सकता है।

एक अन्य शोध में कहा गया है कि वर्जिन नारियल तेल में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड रक्त में मौजूद ग्लूकोज की मात्रा को कम कर सकते हैं। साथ ही नारियल तेल से खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। इसी वजह से वर्जिन कोकोनट ऑयल को लेकर क्लिनिकल ट्रायल करने की सिफारिश की गई है।

5. हृदय स्वास्थ्य के लिए – हृदय को स्वस्थ रखने में भी कोकोनट ऑयल मदद कर सकता है। दरअसल, नारियल तेल में पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो हृदय रोगों का खतरा कई गुना तक कम कर सकते हैं। हालांकि, इस विषय में अधिक शोध करने की भी बात कही गई है। हार्ट पेशेंट सीमित मात्रा में नारियल तेल को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। अधिक मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

6. अल्जाइमर में – नारियल तेल से अल्जाइमर का घरेलू इलाज किया जा सकता है। इसकी वजह है नारियल तेल में मौजूद सैचुरेटेड फैट। हालांकि इसे लेकर अभी तक कोई वैज्ञानिक पुष्टि तो नहीं हुई है। एक शोध की मानें तो नारियल तेल याददाश्त को बढ़ाने में भी सहायक हो सकता है।

7. इम्यूनिटी के लिए – प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी नारियल तेल मदद कर सकता है। एक रिसर्च में कहा गया है कि नारियल तेल में कैप्रिक एसिड, लॉरिक एसिड और कैप्रेलिक एसिड होते हैं। इन एसिड में एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि होती हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को रोगों से लड़ने में मदद कर सकती हैं। एक अन्य अध्ययन में कहा गया है कि वर्जिन कोकोनट ऑयल एस.ऑरियस बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकता है। साथ ही फगोसिटिक प्रतिरक्षा कोशिकाओं (शरीर को बैक्टीरिया और हानिकारक बाहरी तत्वों से बचाने वाली कोशिकाएं) की क्षमता में वृद्धि करने में मदद करता है। इसी वजह से नारियल तेल में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव पाए जाते हैं।

8. डेंटल हेल्थ – नारियल के तेल का उपयोग ऑयल पुलिंग के लिए किया जा सकता है, जिससे प्लाक को बनने से रोका जा सकता है। साथ ही यह प्लाक की वजह से होने वाली मसूड़ों की सूजन को कम करने में प्रभावी हो सकता है। दरअसल, नारियल तेल में लॉरिक एसिड होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल प्रभाव को प्रदर्शित करता है। इसी वजह से नारियल तेल को डेंटल हेल्थ के लिए अच्छा माना जा जा सकता है।

9. हड्डी स्वास्थ्य के लिए – हड्डियों को स्वस्थ रखने और उन्हें मजबूत बनाने में नारियल तेल मदद कर सकता है। वर्जिन नारियल तेल में मौजूद पॉलीफेनोल्स कंपाउंड एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करते हैं। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में देखा गया कि नारियल तेल के प्रयोग से ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के कमजोर होने वाली बीमारी) से ग्रस्त चूहे में एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम की मात्रा बढ़ गई। इसकी मदद से लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाव हुआ, जो सेल डैमेज का कारण बनता है। इसी वजह से कोकोनट ऑयल बोन वॉल्यूम बढ़ा सकता है और हड्डी के स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। रिसर्च में कहा गया है कि यह फ्रैक्चर की रोकथाम में भी मदद कर सकता है। इसी आधार पर कहा गया है कि हड्डियों के लिए एंटीऑक्सीडेंट समृद्ध डाइट जैसे कोकोनट ऑयल का सेवन किया जा सकता है।

10. अर्थराइटिस के लिए – कोकोनट ऑयल को हेल्दी डाइट में शामिल करना चाहिए। अर्थराइटिस के पेशेंट्स के लिए भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि नारियल तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। चूहों पर किए गए प्रयोग से भी इस बात की पुष्टि की गई है कि गठिया से बचाव में नारियल तेल कारगर हो सकता है।

11. किडनी स्वास्थ्य – नारियल तेल किडनी के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, नारियल तेल न सिर्फ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कर सकता है, बल्कि किडनी समस्याओं को भी ठीक करने में मदद कर सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि नारियल तेल की एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी रीनल इंजरी (किडनी फेलियर और डैमेज) से बचाव में सहायक हो सकती है।

12. भूख पर नियंत्रण के लिए – पेट भरा होने के बाद भी कुछ-न-कुछ खाते रहने की इच्छा होती है, जिस वजह से वजन लगातार बढ़ रहा है? कोई नहीं, इसमें भी नारियल का तेल मदद कर सकता है। जी हां, नारियल तेल के सेवन से भूख को नियंत्रित किया जा सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अगर प्रतिदिन नाश्ते में स्मूदी में नारियल तेल का इस्तेमाल किया जाए, तो भूख पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। वहीं, इस शोध में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मीडियम चेन फैटी एसिड में भूख को नियंत्रित करने की ज्यादा क्षमता होती है। वैसे, कोकोनट ऑयल में भी एमसीटी होता है। फिर भी इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

13. फंगल इन्फेक्शन – फंगल संक्रमण से बचने में नारियल तेल मदद कर सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, कैंडिडा (एक प्रकार का फंगल) संक्रमण से बचाव के लिए नारियल तेल का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, नारियल तेल में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो फंगल संक्रमण से त्वचा की रक्षा कर सकते हैं।

14. वायरल इन्फेक्शन – नारियल तेल का उपयोग वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए किया जा सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि वर्जिन  नारियल तेल में मौजूद लॉरिक एसिड और मोनो ग्लिसराइड मोनोलौरिन एंटीवायरल गुण प्रदर्शित करते हैं। इसके अलावा, नारियल तेल में संक्रमण से बचाव करने वाले एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव भी होता है। एक अन्य शोध के अनुसार, नारियल तेल के इस्तेमाल से क्लोस्ट्रीडियम डिफ्फिसिल बैक्टीरिया के कारण पेट में होने वाले इंफ्लेमेशन और बुखार से बचा जा सकता है।

15. त्वरित ऊर्जा पाने के लिए – नारियल तेल का उपयोग त्वरित ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जा सकता है। दरअसल, प्रति 100 ग्राम नारियल तेल में 892 केसीआर ऊर्जा होती है। एक रिसर्च में कहा गया है कि नारियल तेल एनर्जी प्रोड्यूस कर सकता है। इसी वजह से इन्फेंट फॉर्मूला में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, इसमें मौजूद फैट अच्छे से पचता है और शरीर को समय-समय पर एनर्जी देता है। ऐसे में लिवर और वसा ऊतक को फैट सिंथेसिस की जरूरत नहीं पड़ती है। वसा का धीमा पाचन शरीर को जरूरी पोषक तत्वों को अच्छे से अवशोषित होने में मदद कर सकता है।

16. लिप बाम – खाने के ही नहीं बल्कि नारियल का तेल लगाने के फायदे भी होते हैं। होठों पर लगाने के लिए भी नारियल तेल का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, नारियल के तेल में मौजूद वसा होठों की त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है। प्राकृतिक लिप बाम में अक्सर कोकनट ऑयल को इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल से अधिक गंध भी नहीं आती है। इसी वजह से लिप बाम के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।एक बड़ा चम्मच नारियल तेल, 1 चम्मच कोको बटर, बी-वैक्स और रंग के लिए चुकंदर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद इसे कुछ देर फ्रिज में रख दें। अब इसे लिप बाम की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। बस अब नारियल का तेल लगाने से क्या होता है, यह सोचना छोड़कर लिप बाम की तरह इसका इस्तेमाल करें।

17. सनस्क्रीन का प्रभाव – अभी भी सोच रहे हैं कि नारियल का तेल लगाने से क्या होता है? बता दें कि त्वचा को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाव करने में नारियल तेल मदद कर सकता है। नारियल तेल 20 प्रतिशत तक सूर्य की हानिकारक किरणों को ब्लॉक कर सकता है। एक अध्ययन में कहा गया है कि नारियल के तेल में बेस्ट सन प्रोटेक्शन फैक्टर होता है, जिस वजह से कई सन स्क्रीन में इसका इस्तेमाल भी किया जाता है। इसी वजह से त्वचा पर नारियल का तेल लगाने के फायदे में इसे गिना जाता है।

18. नारियल तेल के फायदे बालों के लिए – रियल तेल के फायदे बालों के लिए भी हैं। बालों की सुरक्षा के लिए कोकोनट ऑयल हेयर मास्क की तरह काम कर सकता है। जी हां, बालों में नारियल तेल लगाने के फायदे में डैमेज और नॉर्मल बालों के प्रोटीन लॉस को कम करना शामिल है। इसी वजह से इसका इस्तेमाल नहाने से पहले और नहाने के बाद दोनों समय किया जा सकता है। इसके साथ ही यह बालों की परत (हेयर सॉफ्ट) के अंदर तक जाकर उसे पोषण दे सकता है। इसी वजह से कहा जाता है कि नारियल तेल के फायदे बालों के लिए अनेक हैं। बालों की नारियल तेल से मालिश करने के फायदे भी होते हैं। इसलिए, इसे गुनगुना करके बालों की अच्छे से मालिश की जा सकती है।

नारियल तेल का उपयोग – Uses of Coconut Oil in Hindi

नारियल तेल का उपयोग सबसे ज्यादा दक्षिण भारत के व्यंजनों और पकवानों को बनाने में किया जाता है। हम यहां नारियल तेल के उपयोग के तरीके बता रहे हैं।

  •  खाने में फिल्टर नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि इसे उच्च तापमान पर नहीं पकाना चाहिए।
  • अपनी पसंदीदा सब्जियों को भी नारियल तेल में भून सकते हैं।
  • स्मूदी भला किसे नहीं पसंद है, खासकर जब वह नारियल तेल से बनी हुई हो। इसके लिए थोड़ा सा नारियल तेल लें और धीरे-धीरे इसे स्मूदी के मिश्रण में डाल दें।
  • नारियल तेल को बालों और चेहरे पर लगाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • नारियल को ऑयल पुलिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • बॉडी मसाज के लिए भी नारियल का तेल उपयोगी है।
  • मेकअप हटाने के लिए भी नारियल तेल का इस्तेमाल किया जाता है।
  • होठों को नमी देने के लिए लिप बाम के रूप में नारियल तेल का उपयोग किया जा सकता है।
  • नारियल तेल से बालों की चंपी और शरीर की मसाज की जा सकती है।

नारियल तेल की खुराक – Coconut Oil Supplements in Hindi

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना माने। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में नारियल तेल का इस्तेमाल करना चाहिए?

रोजाना दिन में दो बार 10 मिली कोकोनट ऑयल को आठ हफ्तों तक प्रभावित जगह पर इस्तेमाल करना चाहिए।इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

नारियल तेल के नुकसान – Side Effects of Coconut Oil in Hindi

नारियल तेल के फायदे हम आपको बता ही चुके हैं, लेकिन इसका अधिक इस्तेमाल करने से शरीर को फायदे की जगह नारियल तेल के नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है। जी हां, अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है। चाहे वो कितना ही पौष्टिक क्यों न हो। इसी वजह से आगे हम नारियल तेल के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  • नारियल तेल में सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है। इसी वजह से अगर इसका सेवन ज्यादा मात्रा में किया जाए, तो यह नुकसान पहुंचा सकता है। इसकी वजह से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।
  • नारियल तेल के अधिक सेवन से बढ़ने वाला हानिकारक कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग का कारण बन सकता है।
  • अतिसंवेदनशील लोगों को डॉक्टर की सलाह पर नारियल तेल का सेवन करना चाहिए अन्यथा उन्हें एलर्जी हो सकती है।
  • पहली बार नारियल तेल का सेवन करने वालों को हल्की दस्त की समस्या हो सकती है। हालांकि, सेवन के दूसरे हफ्ते में यह समस्या खुद-ब-खुद कम हो सकती है।
  • कुछ लोगों को नारियल तेल के सेवन से हल्का पेट दर्द और उल्टी की समस्या हो सकती है। ये दुष्प्रभाव भी पहली बार नारियल तेल का उपयोग करने वालों में सेवन के पहले हफ्ते में ही देखे गए हैं।
  • अधिक मात्रा में चेहरे पर नारियल तेल लगाने से त्वचा तैलीय और चिपचिपी हो सकती है।

निष्कर्ष – Conclusion

इस लेख के जरिए हम नारियल तेल के फायदे, उपयोग, नारियल तेल के नुकसान आदि से संबंधित तथ्यों को उजागर कर चुके हैं। अब आप अपनी जरूरत और सूझबूझ से नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान दें कि कोकोनट ऑयल का सेवन जरूरी नहीं है कि रोज किया जाए। इसे आप कभी-कभी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। ऐसा करने पर अगर कोई गंभीर समस्या होने लगे, तो एक बार डॉक्टर से संपर्क भी जरूर कर लें। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे ज़रूर शेयर करे और साथ ही कमेंट बॉक्स में अपने विचार हमारे साथ  व्यक्त करें।

संदर्भ – References

Photo of Soumi Roy
Soumi is the Personal Care Editor for Zotezo.com, where she’s testing out everything from the latest lip gloss to the premium skincare trend. Her product review skill covers everything under beauty and grooming verse. You can spot her work on buzzfeed and Medium.

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