ग्रीन कॉफी के फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Coffee Benefits, Uses, And Side Effects in Hindi

Green coffee

उपक्षेप – Introduction

चाय और कॉफी हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गए हैं। जहां पहले लोग इन्हें सिर्फ स्वाद के लिए पीते थे, वहीं आज स्वास्थ्य के लिहाज से इनका सेवन किया जा रहा है। आज हर्बल और ग्रीन-टी के रूप में कई विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही ग्रीन कॉफी का नाम भी इसी क्रम में जुड़ गया है। बात हो वजन घटने की या फिर अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं की, तो ग्रीन कॉफी एक बेहतर विकल्प हो सकती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में आप पढ़ेंगे ग्रीन कॉफी के फायदे किस प्रकार शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। साथ ही इस लेख में आप ग्रीन कॉफी के उपयोग और ग्रीन कॉफी के नुकसान के विषय में भी जानेंगे। पाठक इस बात पर जरूर गौर करें कि ग्रीन कॉफी लेख में शामिल किसी भी स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं है। यह केवल इनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकती है।

बाकी सभी खाने की चीजों की तरह, ग्रीन कॉफी भी पिछले कुछ साल से वजन कम करने में फायदे के तौर पर सामने आई है। यह सच है कि ग्रीन कॉफी को वजन कम करने के लिए जानी जाती है और इसका सेवन करने से कुछ किलो जरुर कम हो जाते हैं। लेकिन ग्रीन कॉफी के फायदे सिर्फ यहां तक ही सीमित नहीं हैं। ग्रीन कॉफी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जो अपने साथ कई सारे फायदे लेकर आता है। इस बात की तह तक जाने के लिए हम आपके लिए ग्रीन कॉफी के फायदे और नुकसान के साथ- साथ ग्रीन कॉफी को बनाने की विधि की जानकारी लेकर आए हैं।

ग्रीन कॉफी भी एक ऐसा उत्‍पाद है जो हमारे अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्‍व और विशेष रूप से एंटीऑक्‍सीडेंट हमारे शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी होते हैं। कुछ लोग वजन घटाने और विशेष स्‍वास्‍थ्‍य उद्देश्‍य की पूर्ति के लिए इसका नियमित सेवन करने की सलाह देते हैं। इस लेख में आप ग्रीन कॉफी के फायदे और नुकसान की जानकारी प्राप्‍त करेगें। आइये जाने हरी कॉफी लाभ और साइड इफेक्ट क्‍या हैं।

ग्रीन कॉफी क्या है – What is Green Coffee in Hindi

कॉफी के पौधे से हरे रंग के बीजों को लेकर पहले उन्हें भूना जाता है और फिर पीसकर सामान्य कॉफी बनाई जाती है। इस प्रक्रिया से कॉफी का रंग हरे से बदलकर हल्का या गहरा भूरा हो जाता है और स्वाद भी बढ़ जाता है, लेकिन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणकारी तत्व की मात्रा कम हो जाती है। वहीं, जब कॉफी के बीजों को बिना भुने पीसकर पाउडर बनाया जाता है, तो इसे ग्रीन कॉफी कहते हैं। इसमें कई गुणकारी तत्व मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे हो सकते हैं। प्रतिदिन 200 से 480 एमजी तक ग्रीन कॉफी का सेवन किया जा सकता हैं।

कच्ची कॉफी बीन्स से बनाई गई कॉफी को ग्रीन कॉफी कहा जाता है। इसमें काफी मात्रा में क्लोरोजेनिक ऐसिड मौजूद होता है। ये ही कारण है कि पकी हुई कॉफी बीन्स की तुलाना में कच्ची बीन्स से बनी ग्रीन कॉफी ज्यादा असरदार होती है। फिटनेस एक्सपर्ट्स की माने तो जिस तरह से ग्रीन टी का सेवन कर वजन कम किया जा सकता है, ठीक वैसे ही ग्रीन कॉफी भी वजन कम करने में मददगार साबित होती है।

दरअसल ग्रीन कॉफी कोई अलग किस्‍म की कॉफी नहीं है। ये कच्चे, बिना सिके हुए कॉफी के बीज होते हैं। इन्हें कच्‍चा ही पीसा जाता है और प्रयोग में लाया जाता है। क्‍योंकि इन्‍हें पकाया नहीं जाता इसलिए इन्‍हें ग्रीन कॉफी ही कहा जाता है। पूरी दुनिया में ग्रीन कॉफी को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं, वजन घटाने के क्षेत्र में ये एक क्रांति की तरह माना जा रहा है।

आप जिस ग्रीन टी का लुत्‍फ लेते हैं यह हरी कॉफी सेम पौधे से प्राप्त होती है जिसे अरेबिका के नाम से जाना जाता है। ग्रीन टी अरेबिका के कच्‍चे बीजों से बनाई जाती है। इन्‍हें स्‍वादिष्‍ट कॉफी में बदलने से पहले भूना जाता है। इन्‍हें भूनने से पहले इनका रंग हरा होता है। इन बीजों में क्‍लोरोजेनक एसिड की बड़ी मात्रा होती है जो काफी प्‍लांट में एक यौगिक के रूप में होती है। ग्रीन कॉफी बीन निकालने के बाद इन अवांछित बीजों से ग्रीन कॉफी तैयार की जाती है। जब इन बीजों को भूना जाता है तो ये एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर होते हैं। हालांकि भूनने के बाद इनमें पोषक तत्‍वों की कुछ कमी आ जाती है। लेकिन फिर भी वजन कम करने के लिए ग्रीन कॉफी का उपयोग किया जाता है। यह शरीर में रक्‍त शर्करा के स्‍तर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।

ग्रीन कॉफी के फायदे – Benefits of Green Coffee in Hindi

अपने औषधीय गुणों के कारण ग्रीन कॉफी हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है। ग्रीन कॉफी का उपयोग हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रखने, वजन को कम करने, मधुमेह को नियंत्रित करने, रक्‍तचाप को स्‍वस्‍थ्‍य बनाये रखने आदि के लिए किया जाता है। आइये विस्‍तार से जाने ग्रीन कॉफी के फायदे और नुकसान क्‍या हैं।

1. वजन कम करने के लिए ग्रीन कॉफी के फायदेबढ़ता हुआ वजन कई समस्याओं का कारण बन सकता है और लोग इस समस्या को दूर करने के लिए कई प्रकार के उपाय भी करते रहते हैं। कई शोधों में बढ़ते वजन को कम करने के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे देखे गए हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किए गई एक रिसर्च के अनुसार, ग्रीन कॉफी में एंटीओबेसिटी गुण पाया जाता है। ग्रीन कॉफी के अर्क में पाया जाने वाला एंटीओबेसिटी गुण शरीर में वसा के संचय को कम कर मोटापे और बढ़ते वजन को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह एडिपोजेनेसिस (वसा कोशिकाएं) और लिपिड चयापचय को भी नियंत्रित कर सकता है।

2. मधुमेह की समस्या में फायदेमंदग्रीन कॉफी का उपयोग मधुमेह की समस्या को कम करने के लिए भी किया जा सकता है। इस विषय पर किए गए शोध में पाया गया कि ग्रीन कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है। इसमें हाइपोग्लाइसेमिक और एंटीडायबिटिक प्रभाव पाए जाते हैं, जो मधुमेह की समस्या पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं। शोध में पाया गया कि कॉफी के 3 से 4 कप की दैनिक खपत लगभग 30 प्रतिशत तक टाइप 2 मधुमेह को कम करने में फायदेमंद हो सकती है। बेशक, डायबिटीज में ग्रीन कॉफी फायदेमंद हो सकती है, लेकिन मरीज को डॉक्टर की ओर से दी गई दवा का सेवन जरूर करना चाहिए। साथ ही अपने खान-पान पर खासतौर पर ध्यान देना चाहिए।

3. सिर दर्द की समस्या में ग्रीन कॉफी के फायदेग्रीन कॉफी सिर दर्द की समस्या को दूर करने में भी फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार ग्रीन कॉफी में 1.2 प्रतिशत तक कैफीन की मात्रा पाई जाती है। कैफीन सिर दर्द को कुछ हद तक कम करने में फायदेमंद हो सकता है। वहीं, एक अन्य शोध में पाया गया कि कैफीन का उपयोग सिर दर्द, खासकर माइग्रेन की स्थिति में कुछ हद तक लाभदायक हो सकता है। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।

4. हृदय के लिए ग्रीन कॉफी बेनिफिट्सहृदय स्वास्थ्य के लिए ग्रीन कॉफी का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है। इस विषय से जुड़े एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध उपलब्ध है। शोध में पाया गया कि ग्रीन कॉफी में कई घटक पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए विभिन्न प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है क्लोरोजेनिक एसिड। क्लोरोजेनिक एसिड में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं और एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोगों से बचाव में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं। हालांकि, हम हृदय रोगों से बचाव के लिए ग्रीन कॉफी की सिफारिश नहीं करते हैं। ऐसी कोई भी गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना ही बेहतर होता है।

5. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए ग्रीन कॉफी के फायदेबढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या आज एक आम समस्या हो गई है। ग्रीन कॉफी एक्सट्रेक्ट का उपयोग कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में फायदेमंद हो सकता है। इस शोध को एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। शोध के अनुसार, ग्रीन कॉफी बीन एक्सट्रैक्ट कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल-सी के स्तर को कम कर सकता है। हालांकि, ग्रीन कॉफी का कौन-सा गुण कोलेस्ट्रॉल पर प्रभावी रूप से कार्य करता है, इस पर और शोध की आवश्यकता है।

6. एकाग्रता और मूड में सुधारयाददाश्त और मानसिक सुधार में भी ग्रीन काॅफी फायदेमंद हो सकती है। एक शोध के अनुसार, ग्रीन कॉफी बीन्स में कुछ मात्रा कैफीन की होती है। शोध में पाया गया कि कैफीन, सामान्य तौर पर मूड, ध्यान, स्मृति और सतर्कता को बढ़ाकर मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया कि अल्जाइमर के रोगियों पर ग्रीन कॉफी बीन्स का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। शोध के अनुसार, इसमें न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो अल्जाइमर की समस्या में फायदेमंद हो सकते हैं।

7. एंटीऑक्सीडेंट ग्रीन कॉफी के बीजों में क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्स और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाए रखने में मददगार हो सकता है। वहीं, एक शोध में जिक्र मिलता है कि एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को जन्म देने वाले रोग जैसे कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पार्किंसंस (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़ा विकार) और अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) से बचाव में मदद कर सकते हैं। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

8. भूख पर नियंत्रणलगातार भूख लगने की समस्या को ग्रीन कॉफी के जरिए ठीक किया जा सकता है। दरअसल, इसमें भूख को कम करने की क्षमता होती है। यह खाने की इच्छा को नियंत्रित कर सकती है, जिससे वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ग्रीन कॉफी का कौन-सा गुण भूख को कम करता है, यह अभी शोध का विषय है।

9. कैंसर के लिए ग्रीन कॉफी बेनिफिट्सकैंसर जैसी बीमारी को पनपने से रोकने के लिए भी ग्रीन कॉफी फायदेमंद हो सकती है। शोध के अनुसार, इसमें एंटीप्रोलिफेरेटिव यानी ट्यूमर कोशिकाओं के विस्तार को कम करने वाला गुण पाया जाता है, जो कैंसर के जोखिम से बचाने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है। वहीं, पाठक इस बात का जरूर ध्यान रखें कि अगर किसी को कैंसर है, तो सिर्फ ग्रीन कॉफी प्रभावी नहीं हो सकती। इस स्थिति में डॉक्टरी इलाज करवाना सबसे जरूरी है।

10. रक्तचाप में ग्रीन कॉफी पीने के फायदेकई समस्याओं को दूर करने के साथ ही ग्रीन कॉफी रक्तचाप की समस्या को कम करने में भी फायदेमंद हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ग्रीन कॉफी में पाए जाने वाले उच्च पॉलीफोनिक पदार्थो में क्लोरोजेनिक एसिड का महत्वपूर्ण स्थान है। यह माना जाता है कि एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर क्लोरोजेनिक एसिड रक्तचाप की समस्या को कुछ हद तक कम करने में कारगर हो सकता है।

11. हड्डियों की मजबूती के लिए ग्रीन कॉफी बेनिफिट्स – सेहत के साथ ही ग्रीन कॉफी का उपयोग हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के लिए भी किया जा सकता है। दरअसल, 100 ग्राम ग्रीन कॉफी में 108 मिलीग्राम कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। वहीं, हड्डियों की मजबूती और विकास के लिए कैल्शियम जरूरी पोषक तत्व है। इससे हम अनुमान लगा सकते हैं कि कैल्शियम की कमी के कारण होने वाली हड्डियों के नुकसान को रोकने के लिए ग्रीन कॉफी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। फिलहाल, सीधे तौर पर ग्रीन टी हड्डियों के लिए किस प्रकार फायदेमंद हो सकती है, यह शोध का विषय है।

12. एंटी एजिंग गुणों से भरपूर – एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि कॉस्मेटिक में ग्रीन कॉफी ऑयल का उपयोग इसके एंटी-एजिंग गुणों के कारण किया जाता है। यह गुण त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है और उम्र के साथ होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में मददगार हो सकता है। हालांकि, ग्रीन कॉफी सीधे रूप से एंटी-एजिंग प्रक्रिया में किस प्रकार मददगार हो सकती है, इस पर और रिसर्च किए जाने की जरूरत है।

13. बालों के लिए ग्रीन कॉफी पीने के फायदे – लम्बे बाल किसे पसंद नहीं होते। हर किसी को लम्बे और मजबूत बालों की चाह होती है। ऐसे में बालों को स्वस्थ रखने से लिए ग्रीन कॉफी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। ग्रीन कॉफी में आयरन और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। शोध में पाया गया कि ये पोषक तत्व बालों की समस्या को दूर करने के साथ ही उन्हें मजबूती प्रदान करने में फायदेमंद हो सकते हैं। वहीं, ग्रीन कॉफी सीधे तौर पर बालों के लिए किस प्रकार लाभदायक हो सकती है, इस पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

ग्रीन कॉफी बनाने की विधि – Green Coffee Recipe in Hindi

सेहत के लिए ग्रीन कॉफी के लाभ जानने के बाद, आइए जानते हैं ग्रीन कॉफी कैसे बनाएं। इसे हरे रंग के कच्चे बीजों से बनाया जाता है। इन बीजों को भूना नहीं जाता है। यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी बनाने की विधि।

सामग्री :

  • ग्रीन कॉफी के करीब 10 ग्राम बीज
  • तीन चौथाई कप गर्म पानी

ग्रीन कॉफी कैसे बनाएं

ग्रीन कॉफी बनाने के लिए सबसे पहले ग्रीन कॉफी बीन्स को रातभर के लिए पानी में डालकर रख दें। अगली सुबह बीजों सहित पानी को करीब 15 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें। इससे बीजों का हरा रंग पानी में आ जाएगा। अब पानी को उतार लें और छान लें। जब पानी सामान्य हो जाए, तो उसे पिएं। यह सबसे अच्छा ग्रीन कॉफी पीने का तरीका हो सकता है। चाहें तो एक पाउच ग्रीन कॉफी के पाउडर को एक कप गर्म पानी में घोलकर भी ग्रीन कॉफी बना सकते हैं।

सावधानी

ग्रीन कॉफी में चीनी या शहद का प्रयोग न ही करें, तो ग्रीन कॉफी पीने का तरीका बेहतर हो सकता है। साथ ही इसमें दूध भी न मिलाएं। इसे ऐसे ही पिएं और दिनभर में अधिक से अधिक दो कप का ही सेवन करें। इससे अधिक पीने पर कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं, जिसके बारे में हम इस लेख में आगे बताएंगे। साथ ही गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों को ग्रीन कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए।

ग्रीन कॉफी पीने का सही समय – The Right Time to Drink Green Coffee in Hindi

कोई भी चीज तभी फायदा करती है, जब उसे नियमानुसार और तय समय पर किया जाए। इसी प्रकार ग्रीन कॉफी पीने का समय भी जानना जरूरी है। कई लोग जब मन किया तभी उसे पी लेते हैं, जो सही नहीं है। यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी पीने का सही समय।

  • ग्रीन कॉफी को सुबह खाली पेट पी सकते हैं।
  • इसे दोपहर को खाने से आधा घंटा पहले या फिर खाने के एक घंटे बाद पी सकते हैं।

ग्रीन कॉफी कैप्‍सूल का उपयोग – Use of Green Coffee in Hindi

आप स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त करने के लिए ग्रीन कॉफी से बने कैप्‍सूल का भी उपयोग कर सकते हैं। ग्रीन कॉफी से बने प्रत्‍येक कैप्‍सूल में 20 से 50 मिली ग्राम कैफीन हो सकता है। हालांकि कैप्‍सूल बनाने वाली कंपनियों या ब्रांडों के आधार पर यह मात्रा अलग-अलग हो सकती है। लेकिन किसी भी व्‍यक्ति के लिए 400 मिली ग्राम तक कैफीन की मात्रा सुरक्षित मानी जाती है। इसलिए इससे अधिक मात्रा में ग्रीन कॉफी कैप्‍सूल का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।

ग्रीन कॉफी के नुकसान – Side Effects of Green Coffee in Hindi

कॉफी में कैंमिकल की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए कॉफी का सेवन सही मात्रा में ही करना चाहिए। यहां से आप ग्रीन कॉफी के नुकसान की जानकारी ले सकते हैं।

1. बहुत ज्यादा कैफेन – हालांकि ग्रीन कॉफी में उतनी मात्रा में कैफेन नहीं होता है जितनी मात्रा में रोस्ट की हुई कॉफी में होता है लेकिन यह फिर भी ज्यादा है। सोने से पहले कॉफी को नहीं पीना चाहिए, ऐसा करने से नींद नहीं आती है। अधिक मात्रा में कैफेन का सेवन करने से दिल की बीमारी जैसे कि कार्डिएक एरिद्मिया  होने के आसार बढ़ जाते हैं।

2. होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ सकता है – कई अध्ययन में बताया गया है कि ग्रीन कॉफी पीने से खून में होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ जाता है। होमोसिस्टीन, एमीनो एसिड है जो खून में पाया जाता है। इसके बढ़ने से दिल की बीमारी होने के आसार बढ़ जाते हैं।

3. ये लोग ना पीएं ग्रीन कॉफी – डॉक्‍टर्स के मुताबिक ग्रीन कॉफी में पाए जाने वाले कुछ तत्‍व कुछ विशेष लोगों के लिए नुकसानदायक होते हैं । जैसे ग्लूकोमा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, ऑस्टियोपोरोसिस और ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स आदि से पीडि़त लोगों को ग्रीन कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। इसे पीने से ये समस्‍याएं और अधिक बढ़ जाती है और इलाज उतना ही जटिल हो जाता है।

4. बच्‍चों और गर्भवती के लिए सलाह – ग्रीन कॉफी का सेवन करने की सलाह डॉक्‍टर से लेनी चाहिए क्‍योंकि ये आपकी शारीरिक अवस्‍था के लिए ठीक है या नहीं ये चिकित्‍सक से बेहतर कौन बता सकता है। डॉक्टर से पूछा जाए तो वे विशेष तौर पर बच्चों और गर्भवती या फिर स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन न करने की सलाह देते हैं। ग्रीन कॉफी में मौजूद तत्‍व बच्‍चों की सेहत पर गलत असर डालते हैं।

5. पेट की प्रॉब्‍लम – ग्रीन कॉफी में बहुत अधिक मात्रा में कैफीन होता है। कैफीन का अधिक सेवन पेट के लिए सही नहीं रहता। कैफीन ज्यादा होने के चलते पेट खराब हो सकता है। अगर आपको पहले से ही पेट की परेशानी है तो ऐसे में ग्रीन काफी का सेवन आपके लिए नई मुश्किल खड़ा कर सकता है। पेट कमजोर हो तो आपको इससे दूर ही रहना चाहिए।

6. एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर – इसमें कोई दो राय नहीं कि ग्रीन कॉफी एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर है। ये शरीर को टॉक्सिक एलीमेंट से दूर रखती है साथ हि यंग बने रहने में भी सहायता करती है। लेकिन ये आपके शरीर को अंदरूनी तौर पर काफी नुकसान पहुंचा सकती है। ग्रीन कॉफी के नुकसान आपको हानि पहुंचाने के लिए काफी हैं, अइसलिए बिना किसी की एक्‍सपर्ट की सलाह लिए आप इसे अपनी डायट में शामिल ना ही करें तो अच्‍छा है।

7. स्‍वाद नहीं – कॉफी समझकर आप इसके स्‍वाद का अंदाजा नहीं लगा सकते। ये बहुत ही कड़वा होता है, जिसे आपके लिए पीना बहुत मुश्किल होगा। ब्‍लैक कॉफी का आनंद उठाने वाले भी ग्रीन कॉफी के कड़वे स्‍वाद को नहीं झेल पाते। और इसके स्‍वाद से छेड़खानी मतलब इसके गुणों से समझौता आनप नहीं कर सकते। इसलिए ग्रीन कॉफी के जो भी फायदे या नुकसान आप जानते हैं इन्‍हें देख समझकर ही इस्‍तेमाल करें ।

निष्कर्ष – Conclusion

ग्रीन कॉफी सेहतमंद जिंदगी जीने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है। जैसा हम हर खाने या पीने की चीज़ के बारे में कहते हैं कि हर चीज़ के फायदे और नुकसान जानने के बाद ही उसे अपनी डाइट में शामिल करें। ग्रीन कॉफी को नियमित रूप और सही मात्रा में सेवन करें और स्वस्थ रहें। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे ज़रूर शेयर करे और साथ ही कमेंट बॉक्स में अपने विचार हमारे साथ  व्यक्त करें।

Photo of Dr. Pritpal Singh
Dr. Pritpal Singh is amongst the best doctors in Kolkata who is specialized in Nutrition. Dr. Pritpal Singh practices at Addlife Caring Minds Clinic in Sarat Bose Road, Kolkata. A highly trained & specialist doctor who has completed MBBS, and has experience over 6 years as a practicing doctor in Nutrition.

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