मैग्नीशियम के स्रोत, उपयोग, फायदे और नुकसान – Magnesium Sources, Benefits, And Side Effects in Hindi

Magnesium in Hindi

उपक्षेप – Introduction

मैग्नीशियम एक खनिज पदार्थ है जो हमारे स्वास्थ्य के लिये अति आवश्यक है। यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिये रामबाण है। हमारे शारीर की हड्डियों को मजबूत बनाने में बोहोत बढ़ा योगदान देता है। हम मैग्नीशियम को अपनी डाइट से भी प्राप्त कर सकते है, लेकिन कई बार जब शरीर में इसकी कम मात्रा होती है तो डॉक्टर्स इसके सप्लीमेंट लेने की सलाह देते है। मैग्नीशियम कम होने के कारण शरीर में ऑस्टियोपोरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर, क्लोज्ड आर्टरी, दिल संबंधित परेशानियां, मधुमेह और स्ट्रोक जैसी बीमारियां उत्पन्न होने का खतरा होता है। 

एक मानव शरीर में लगभग 25 ग्राम मैग्नीशियम होता है, जिसका 50 से 60 प्रतिशत उनकी हड्डियों में जमा होता है। बाकी उनकी मांसपेशियों  में ये तरल पदार्थों के रूप में मौजूद होता है। हर व्यक्ति को रोजाना इसकी जरूरत पड़ती है। अगर हम पुरुषों की बात करें तो उन्हें लगभग 400 और महिलाओं को लगभग 300 मिलीग्राम तक की जरुरत होती है।

यदि किसी इंसान के शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाए तो इससे उसका पूरा स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। आज इस लेख में हम मैग्नीशियम के स्वास्थ्य लाभ के बारे में बात करेंगे। दरअसल कुछ ऐसे कारण होते है जिसकी वजह से आपके शरीर में इसकी कमी होने लगती है। उसके बाद आप मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करके इसकी कमी को दूर कर सकते है।

हड्डियों के अच्छे विकास के लिए मैग्नीशियम बेहद जरूरी होता है। शरीर में मौजूद आधे से ज्यादा मैग्नीशियम हड्डियों में पाया जाता है और बाकी शरीर में होने वाली जैविक क्रियाओं में भूमिका निभाता है। ये मांसपेशियों, नसों और शरीर के कई अन्य हिस्सों के उचित कार्य के लिए भी आवश्यक है। ये पेट में बनने वाले एसिड को दूर करने के साथ पाचन तंत्र को तंदुरुस्त रखता है।

मैग्नीशियम क्या है – What is Magnesium in Hindi

आज कल लोग अपने कामकाज में इतने व्यस्त हो गये है की उनके पास खुद की देखभाल के लिए बिल्कुल समय नहीं रहता जिसके चलते वे अपने खानपान में सही पोषण व सभी विटामिन शामिल नहीं कर पाते जिससे शरीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि जिंदगी में अचानक बदलाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। हालांकि, ये अकेलापन, चिंता या घबराहट शरीर में मैग्नीशियम की कमी के संकेत भी हो सकते हैं। मैग्नीशियम एक सूक्ष्म पोषक तत्व है जो अवसाद और चिंता पर सीधा प्रभाव डालता है। इसलिए इसकी कमी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

व्यक्ति को अपने मूड में बदलाव और अवसाद के सही कारण को समझने के लिए किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। यदि मैग्नीशियम की कमी है तो इस मिनरल की पर्याप्त मात्रा में अपने आहार से पूरा करना चाहिए या अपने चिकित्सक द्वारा बताई गई खुराक लेनी चाहिए। यूं तो मैग्नीशियम की शरीर को कम मात्रा में जरूरत होती है. इसकी मात्रा उम्र और लिंग के आधार पर 300 से 400 मिलीग्राम / दिन होना चाहिए। मैग्नीशियम प्रतिरक्षा प्रणाली यानी बीमारियों से लड़ने की ताकत, तंत्रिका और मांसपेशियों और हृदय व हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। दिल और गुर्दों को अच्छे से काम करने के लिए मैग्नीशियम की जरूरत पड़ती है।

मैग्नीशियम एक खनिज होता है, इसका उपयोग तब किया जाता है जब आपके रक्त में इसकी मात्रा कम हो जाती है। दरअसल मैग्नीशियम तंत्रिकाओं, मांसपेशियों, कोशिकाओं, हड्डियों और हार्ट को सही ढंग से चलाना के लिए काम करता है। इंसान के शरीर में आमतौर पर संतुलित आहार खाने से मैग्नीशियम की मात्रा सही रहती है, लेकिन जब आपके शरीर में इसकी कमी हो जाती है तो आपके पूरे शरीर पर इसका असर पड़ता है। मैग्नीशियम का उपयोग शरीर को आवश्यक मैग्नीशियम प्रदान करने के लिए किया जाता है।

मैग्नीशियम के स्रोत – Sources of Magnesium in Hindi

मैग्नीशियम के फायदे हासिल करने के लिए आपको अपनी डाइट में अधिक से अधिक मैग्नीशियम से भरपूर चीजों को शामिल करना होगा। हालांकि खाने पीने की किन चीजों में कितनी मात्रा में मैग्नीशियम मिलता है इस बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। आइये जानते हैं कि मैग्नीशियम के स्रोत क्या हैं और उनमें कितनी मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है।

मैग्नीशियम के शाकाहारी स्रोत – Vegetarian Sources of Magnesium in Hindi

रोस्टेड काजू और बादाम बादाम विटामिन, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत होने के साथ साथ मैग्नीशियम का भी अच्छा स्रोत है। 28 ग्राम रोस्टेड बादाम में लगभग 80 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है जिससे आप रोजाना के लिए जरुरी मैग्नीशियम का एक हिस्सा प्राप्त कर लेते हैं। इसी तरह 28 ग्राम रोस्टेड काजू में 74 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है। शाम को स्नैक्स के रूप में काजू और बादाम का सेवन करें।

पालक – हरी सब्जियों में बाकी विटामिन और मिनरल के साथ साथ मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में मिलता है। आंकड़ों के अनुसार आधे कप उबले हुए पालक में लगभग 78 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है। अगर आप मैग्नीशियम की कमी से जूझ रहे हैं तो हरी सब्जियां जैसे कि पालक का सेवन जरुर करें।

मूंगफली – मूंगफली का सेवन करके भी आप रोजाना के लिए आवश्यक मैग्नीशियम की मात्रा प्राप्त कर सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार एक चौथाई कप तेल में भुने हुए मूंगफली में 63 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है। कई लोग पीनट बटर को सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं जबकि ऐसा नहीं है। अगर आप सीमित मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

आंकड़ों के अनुसार दो चम्मच पीनट बटर में 49 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है।

सोया मिल्क – सोया मिल्क के सेवन से आपको कई खनिज और पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं। इसके सेवन से आप मैग्नीशियम की प्रतिदिन की आवश्यक मात्रा आसानी से पा सकते हैं। एक कप सोया मिल्क में लगभग 61 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है।

एवोकैड़ो – कई फल भी मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत होते हैं जिनमें एवोकैडो प्रमुख है. एक कप कटे हुए एवोकैड़ो में लगभग 44 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है। एवोकैड़ो में मैग्नीशियम के अलावा और भी कई पोषक तत्व और विटामिन पाए जाते हैं। इस फल का नियमित सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

ब्रेड – अधिकांश लोग सुबह के नाश्ते में ब्रेड खाना पसंद करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2 ब्रेड से ही आपको 46 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिल जाता है।

ब्राउन राइस – ब्राउन राइस के फायदे तो अनगिनत हैं लेकिन अभी भी ज्यादातर मेट्रो शहरों में ही लोग इसका सेवन करते हैं। मैग्नीशियम के लिए आप ब्राउन राइस का सेवन कर सकते हैं। आधे कप ब्राउन राइस में लगभग 42 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है।

मैग्नीशियम के मांसाहारी स्रोत – Non-Vegetarian Sources of Magnesium in Hindi

शाकाहारी चीजों के अलावा मांसाहारी खाद्य पदार्थों में भी पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम मिलता है।

सैलमन मछली – यह हम सभी जानते हैं कि सी-फ़ूड सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। कुछ मछलियों में मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में मिलता है जिससे आप रोजाना के लिए जरुरी मैग्नीशियम की खुराक आसानी से हासिल कर सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार 84 मिलीग्राम पकी हुई सैलमन मछली में लगभग 26 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है।

चिकन – चिकन प्रोटीन का स्रोत होने के साथ साथ मैग्नीशियम का भी अच्छा स्रोत है। आंकड़ों के अनुसार 84 मिलीग्राम रोस्टेड चिकन में लगभग 22 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है।

बीफ – चिकन के अलावा बीफ (भैंस का मांस) में भी मैग्नीशियम की मात्रा पायी जाती है। 84 मिलीग्राम बीफ में लगभग 20 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है।

मैग्नीशियम के स्त्रोत – केला, बादाम, कद्दू के बीज, दही, ब्लैक बीन्स, पालक, एवोकाडो, डार्क चॉक्लेट.

ये सभी मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत माने जाते है जिन लोगों के शरीर में इसकी कमी होने लगती है उनमें ये लक्षण दिखने लगते है। आप खुद  अपने शरीर में होने वाली इसकी कमी को दूर कर सकते है। आज के समय में इसकी कमी को दूर करने के लिए लोग डॉक्टर की सलाह लेते है।  तो ऐसे में आप भी हमारे डॉक्टर से सलाह लें सकते है और अपने शरीर में होने वाली मैग्नीशियम की कमी को दूर कर सकते है।

कम मैग्नीशियम के कारण – Causes of Low Magnesium in Hindi

मैग्नीशियम की कमी के कई कारण हो सकते हैं। भोजन में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम न लेने से लेकर शरीर से अत्यधिक मात्रा में मैग्नीशियम निकलना आदि शामिल हैं। रोजाना ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन भी इसके स्तर को प्रभावित कर सकता है। शराब की लत इसकी कमी का जोखिम बनती है। अधिक एंटीबायोटिक दवाएं लेना पाचन तंत्र प्रणाली को क्षतिग्रस्त कर देता है, जिससे मैग्नीशियम से उच्च खाद्य पदार्थों को पचाने में कठिनाई होने लगती है।

हड्डियों के अच्छे विकास के लिए मैग्नीशियम बेहद जरूरी होता है। शरीर में मौजूद आधे से ज्यादा मैग्नीशियम हड्डियों में पाया जाता है और बाकी शरीर में होने वाली जैविक क्रियाओं में भूमिका निभाता है। ये मांसपेशियों, नसों और शरीर के कई अन्य हिस्सों के उचित कार्य के लिए भी आवश्यक है। ये पेट में बनने वाले एसिड को दूर करने के साथ पाचन तंत्र को तंदुरुस्त रखता है।

मैग्नीशियम की कमी से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, पुरानी पीठ दर्द, आदि सहित कई बीमारियों का कारण बन सकता है। अस्थमा भी मैग्नीशियम की कमी से जुड़ा हुआ है, और अनियमित दिल की धड़कन और कई खतरनाक बीमारियों का कारण बन सकता है। मैग्नीशियम की कमी मुख्य रूप से अस्वास्थ्यकर आहार, शराब के दुरुपयोग, अत्यधिक उल्टी, और लम्बे समय से दस्त के कारण होती है। यहां कुछ संकेत दिए गए हैं, जो बताते हैं, कि आप मैग्नीशियम की कमी से पीड़ित हैं।

मांसपेशियों की ऐंठन – नियमित मांसपेशी ऐंठन मैग्नीशियम की कमी के पहले लक्षण हैं। मांसपेशियों के विकास और उत्थान के लिए मैग्नीशियम बेहद महत्वपूर्ण है। यह कैल्शियम और पोटेशियम का सेवन बढ़ाता है – मांसपेशियों के कामकाज के लिए दो महत्वपूर्ण तत्व है। यदि आप नियमित ऐंठन का अनुभव करते हैं, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। इसके अलावा, अक्सर मांसपेशी का खिंचना और आँखों में खिंचाव मैग्नीशियम की कमी के लक्षण हो सकता है।

माइग्रेन – माइग्रेन कई कारणों से होता है। ऐसा एक कारण आपके शरीर में कम मैग्नीशियम का स्तर भी हो सकता है। गंभीर माइग्रेन को कभी अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति के कारण हो सकता है। कुछ मामलों में अपने चिकित्सक से जांच कराए, अगर मैग्नीशियम की कमी पाया जाता है, तो माइग्रेन का इलाज किया जा सकता है।

अनियमित दिल की धड़कन – अनियमित दिल की धड़कन और लय शरीर में कम मैग्नीशियम के स्तर के सबसे बड़े लक्षण हैं। मैग्नीशियम दिल की उचित कार्यप्रणाली और शरीर में उचित रक्त परिसंचरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आप कुछ समय से इन लक्षणों से पीड़ित हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे।

चिंता और बेचैनी – कुछ लोगों के लिए बेचैनी और चिंता जीवन के एक हिस्सा हो सकती है। इसके लिए कई कारण हो सकते है। जिसमे एक मैग्नीशियम की कमी भी शामिल है। मैग्नीशियम हमारे शरीर और दिमाग को शांत कर सकता है, और इस पोषक तत्व की कमी से अवसाद और बेचैनी हो सकती है। अपने मैग्नीशियम स्तर को बढ़ाने से चिंता स्तर और बेचैनी कम हो सकती है।

थकान और कमजोरी – यदि आप ब्लैक आउट्स और निरंतर कमजोरी का सालमना कर रहे हैं, तो आप कम मैग्नीशियम के स्तर से पीड़ित हो सकते हैं। मैग्नीशियम ग्लूकोज को ऊर्जा में में परिवर्तन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह ऊर्जा मेटाबोलिक के लिए जरूरी है, और आपके शरीर की कमजोरी से लड़ती है। मैग्नीशियम की कमी लंबे समय तक हानिकारक हो सकती है, और आप बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान महसूस कर सकते है।

मैग्नीशियम का उपयोग कब करें – When To Use Magnesium in Hindi

हड्डियों के अच्छे विकास के लिए मैग्नीशियम बेहद जरूरी होता है। शरीर में मौजूद आधे से ज्यादा मैग्नीशियम हड्डियों में पाया जाता है और बाकी शरीर में होने वाली जैविक क्रियाओं में भूमिका निभाता है। ये मांसपेशियों, नसों और शरीर के कई अन्य हिस्सों के उचित कार्य के लिए भी आवश्यक है। ये पेट में बनने वाले एसिड को दूर करने के साथ पाचन तंत्र को तंदुरुस्त रखता है।

मैग्नीशियम का उपयोग किस लिए किया जाता है?

पेट संबंधित परेशानियों के लिए – मैग्नीशियम की कमी से बचने के लिए लोग मैग्नीशियम को टैबलेट के रूप में लेते हैं। इसका इस्तेमाल सर्जरी के दौरान कब्ज दूर करने के लिए भी किया जाता है। इसका प्रयोग पेट संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

दिल संबंधित दिक्कतों के लिए – दिल संबंधित परेशानियां जैसे सीने में दर्द, दिल की धड़कन का अनियमित होना, हाई ब्लड प्रेशर, क्लोज्ड आर्टरिज, स्ट्रोक, हार्ट अटैक आदि के इलाज के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

एनर्जी बढ़ाने में है मदददगार – एनर्जी को बढ़ाने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। कई बार एथलीट एनर्जी और एंडयोरेंस बढ़ाने के लिए मैग्नीशियम का उपयोग करते हैं। हालांकि नॉन एथलीट अगर इसका सेवन करते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।

स्किन संबंधित परेशानियों को करता है दूर – कुछ लोग इसे स्किन संबंधित परेशानियां जैसे स्किन अल्सर, फोड़े, घाव को जल्दी भरने के लिए इसे त्वचा पर लगाते हैं। इसका उपयोग स्ट्रेप बैक्टीरिया (एरिसेपेलस) के कारण होने वाले एक गंभीर त्वचा संक्रमण के उपचार में भी किया जाता है।

डायबिटीज रहता है कंट्रोल – रिसर्च के अनुसार हाई मैग्नीशियम डायट टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में मददगार होता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि इसके सेवन से ग्लूकोज नियंत्रण रहता है और इंसुलिन चयापचय में सहायक होता है, जिससे डायबिटीज पेशेंट को आराम रहता है।

माइग्रेन की परेशानी होती है दूर – मैग्नेशियम थेरिपी की मदद से सिरदर्द खासकर माइग्रेन की समस्या भी ठीक हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मैग्नेशियम की कमी ब्लड वेसेल्स का आपस में दवाब बढ़ जाता है, जिस कारण माइग्रेन की समस्या शुरू हो सकती है। इसलिए अपने आहार में इसे जरूर शामिल करें।

इसकी कमी से एंग्जाइटी हो सकती है – शरीर में इसकी कमी डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी अन्य शारीरिक परेशानी शुरू करने के लिए काफी है। बदलती लाइफस्टाइल में किसी न किसी तरह की चिंता में सब उलझे हुए हैं। ऐसे में अपने आपको स्वस्थ रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसलिए डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी परेशानी से बचने के लिए इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए।

इन परेशानियों के इलाज में भी किया जाता है इसका प्रयोग

एडीएचडी (एटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर), एंग्जायटी, क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम, सर्जरी के बाद रिकवरी, प्रेगनेंसी के दौरान रात में पैरों में दर्द और ऐंठन, पथरी, कमजोर हड्डियां (ऑस्टियोपोरोसिस), प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस), अस्थमा, मल्टीपल स्केलेरोसिस, कैंसर को बढ़ने से रोकने के लिए।

मैग्नीशियम के लाभ – Benefits of Magnesium in Hindi

मैग्नीशियम खाने के स्वास्थ्य लाभ

याददाश्त रहती है बेहतर – यदि आप खुद की याददाश्त अच्छी रखना चाहते है तो ये आपके लिए बहुत अच्छा उपाय है। ऐसा बहुत से लोगों के साथ होता है, जब वह अपनी कोई जरूरी चीज बहुत ज्यादा संभाल कर रख देते है और बाद में वो चीज उन्हें मिलती नहीं है। यह उनकी याददाश्त कम होने की वजह से होता है।

हृदय रहता है स्वस्थ – जो लोग दिल के मरीज होते है, उन्हें कोरोनरी हार्ट डिजीज होने का खतरा रहता है इसलिए डॉक्टर दिल के मरीजों को मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ खाने को कहते है, जिससे उनका हृदय स्वस्थ रहे। जैसे केला, कद्दू के बीज, बादाम आदि इन्हें खाने से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

रक्तचाप रहता है बेहतर – जिन्हें हाइपरटेंशन की समस्या अधिक रहती है. उन्हें कई बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसलिए यह जरुरी है की आप अपने शरीर में इसकी कमी ना होने दें। आज के समय में यह एक गंभीर बीमारी है, जिसकी वजह से कई लोग इससे पीड़ित है।

मानसिक स्वस्थ रहता है बेहतर – आपको बता दें की जो लोग मैग्नीशियम का सेवन नहीं करते है उन्हें सिरदर्द, अनिद्रा, तनाव जैसी समस्या होने लगती है। इसके अलावा यह आपको मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखता है। इसलिए, तनाव और अवसाद से बचने के लिए आपको मैग्नीशियम का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए।

मैग्नीशियम की आवश्यक खुराक – Dosage of Magnesium in Hindi

मैग्नीशियम की खुराक – शरीर को स्वस्थ तरीके से काम करने के लिए मैग्नीशियम का होना बहुत जरुरी है। जबकि मैग्नीशियम की अधिक मात्रा आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए आपको उचित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए। भारतीयों को एक दिन में कितनी मात्रा में मैग्नीशियम का सेवन करना चाहिए इसे लेकर राष्ट्रीय पोषण संस्थान एक गाइडलाइन जारी करती है। हालांकि यह मात्रा लिंग और उम्र के आधार पर बदलती रहती है। आइये जानते हैं कि उम्र और लिंग के हिसाब से आपको प्रतिदिन कितनी मात्रा में मैग्नीशियम का सेवन करना चाहिए।

शिशु और बच्चे – छोटे बच्चों को प्रतिदिन निम्न तालिका के अनुसार मैग्नीशियम का सेवन करना चाहिए।

  • 0 से 6 महीने : 30 मिलीग्राम,
  • 6 से 12 महीने : 45 मिलीग्राम,
  • 1 से 3 साल :  50 मिलीग्राम,
  • 4 से 6 साल : 70 मिलीग्राम,
  • 7 से 9 साल : 100 मिलीग्राम।

किशोरावस्था:

लड़के ( 10 से 12 साल ) : 120 मिलीग्राम,

लड़कियां ( 10-12 साल ) : 160 मिलीग्राम,

लड़के ( 13 से 15 साल) :  165 मिलीग्राम,

लड़कियां ( 13 से 15 साल) :  210 मिलीग्राम,

लड़के (16 से 18 साल) : 195 मिलीग्राम,

लड़कियां ( 16 से 18 साल) : 235 मिलीग्राम।

वयस्क – वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन 340 मिलीग्राम और महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 310 मिलीग्राम का सेवन करना चाहिए।

गर्भावस्था और स्तनपान – आंकड़ों के अनुसार गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 310 मिलीग्राम मैग्नीशियम का सेवन करना चाहिए।

मैग्नीशियम के साइड इफेक्ट – Side Effects of Magnesium in Hindi

साइड इफेक्ट्स – कुछ लोगों में मैग्नीशियम लेने से पेट में खराबी, उल्टी, डायरिया की शिकायत हो सकती है। ज्यादा मात्रा में मैग्नीशियम को लेने से शरीर में इसकी मात्रा अधिक हो जाएगी जो नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे अनियमित दिल की धड़कन, लो ब्लड प्रेशर, कंफ्यूजन, धीरे सांस लेना, कोमा और मृत्यु हो सकती है। जरूरी नहीं सभी में ऊपर बताएं साइड इफेक्ट देखने को मिले। साइड इफेक्ट्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप किसी हर्बलिस्ट या चिकित्सक से परामर्श करें।

निष्कर्ष – Conclusion

मैग्नीशियम का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर लिखे निर्देशों को अच्छी तरह से पढ़ें और अपने डॉक्टर से इसके इस्तेमाल करने का तरीका पूछें। इसके फायदों के साथ-साथ इससे होने वाली हानियों के बारे में जानें। कई लोगों के लिए इसका उपयोग जोखिम भरा हो सकता है। निम्नलिखित स्थितियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए.अगर आपको मैग्नीशियम या अन्य दवाओं या किसी जड़ी बूटी के किसी भी पदार्थ से एलर्जी है।

संदर्भ References

(1)https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE

(2) https://www.lybrate.com/hi/topic/magnesium-deficiency-5-signs-you-are-suffering-from-it/0bbfa60522e6795fae0e651df9041270

(3)https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%86%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE

Team Zotezo
We are a team of experienced content writers, and relevant subject matters expert. Our purpose is to provide trustworthy information about health, beauty, fitness, and wellness related topics. With us unravel chances to switch to a balanced lifestyle which enables people to live better!

Leave a Comment

ZOTEZO IN THE NEWS

...