जिंक के स्रोत, फायदे और नुकसान – Zinc Sources, Benefits, And Side Effects in Hindi

zinc in Hindi

उपक्षेप – Introduction

जस्ता मूल रूप से एक संक्रमण धातु है या इसे एक महत्वपूर्ण लेश तत्व के रूप में भी वर्णित किया जा सकता है जो जानवरों, पौधों और मनुष्यों के लिए पर्याप्त जैविक महत्व के साथ आता है। यह विभिन्न शारीरिक कार्यों के लिए जिम्मेदार है और न्यूनतम 100 विभिन्न एंजाइमों की गतिविधि को प्रोत्साहित करने में मदद करता है। इस लेश तत्व के सर्वोत्तम लाभों को पुनः प्राप्त करने के लिए, मानव को बस थोड़ी मात्रा में जस्ता का उपभोग करना होगा। यह एक एंजाइम कोफ़ेक्टर के रूप में कार्य करके मानव शरीर के उचित और सामान्य कामकाज के लिए रास्ता बनाता है जो कि सेल झिल्ली को लयसिस से बचाता है जो विष जारी और पूरक सक्रियण का परिणाम है। मानव शरीर में जिंक प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता है और इसलिए इस तत्व का आहार सेवन आवश्यक है। समुद्री भोजन और मांसजस्ता के सबसे महत्वपूर्ण स्रोत हैं। महिलाओं को प्रति दिन 8 मिलीग्राम जस्ता की आवश्यकता होती है, जबकि पुरुषों को प्रति दिन इस महत्वपूर्ण तत्व के 11 मिलीग्राम की आवश्यकता होती है। मानव शरीर में जस्ता के निम्न स्तर अलग-अलग बीमारियों और बीमारियों के लिए एक व्यक्ति को अतिसंवेदनशील बना सकते हैं। जिंक न केवल खाद्य पदार्थों में पाया जाता है बल्कि यह आहार के पूरक के रूप में भी उपलब्ध है।

जिंक भी आयरन और कैल्शियम की तरह शरीर के कार्य के लिए बहुत जरूरी मिनरल है। जिंक से हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। यह हमारी रोग-प्रतिरोधक प्रणाली, त्वचा के स्वास्थ्य तथा जख्मों के उपचार में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इसकी हल्की-सी कमी के चलते प्रतिरोधक क्षमता में कमी, त्वचा में कमजोरी, दृष्टि कम होना और अन्य कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं। मेडिकल एक्पर्ट्स के अनुसार, जिंक से डायबीटीज जैसी खतरनाक बीमारी सही हो सकती है।

जिंक क्या है – What is Zinc in Hindi

हेल्थ एक्सपर्ट का सुझाव है कि जिंक हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जिनमें काफी मात्रा में जिंक खनिज होता है, और अच्छी खबर यह है कि वे सभी आपके किचन में पहले से ही मौजूद हो सकते हैं. आप इन्हें रोजाना की डाइट शामिल कर सकते हैं.

क्या आप इन दिनों अपनी इम्यूनिटी को बढ़ावा देने के लिए विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों की ओर अपना सारा ध्यान लगा रहे हैं? यह सच है कि विटामिन सी से भरपूर फूड्स इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं लेकिन जिंक से भरपूर फूड्स भी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए कारगर हो सकते हैं. मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करती है, लेकिन विटामिन सी केवल वही चीज नहीं है जिसकी आपको ज़रूरत है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि जिंक हमारे इम्यून सिस्टम को चलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जस्ता एक ट्रेस खनिज है जो इम्यून कोशिकाओं के कामकाज को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें समर्थन देने के लिए जाना जाता है.

जस्ता एक धातु है। इसे “आवश्यक ट्रेस तत्व” कहा जाता है क्योंकि मानव स्वास्थ्य के लिए जस्ता (जिंक) की बहुत कम मात्रा आवश्यक होती है।मानव शरीर में इसका उपयोग प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने, सामान्य ठंड, बार-बार होने वाला कान के संक्रमण का इलाज करने और श्वसन संक्रमण को रोकने के लिए भी किया जाता है। परजीवी के द्वारा होने वाला मलेरिया और अन्य बीमारियों को ठीक करने के लिए जिंक का प्रयोग किया जाता है।

कुछ लोग आंख की बीमारी जैसे रतौंधी, मोतियाबिंद और मैक्युलर डीजेनेरेशन के लिए भी जस्ता का उपयोग करते हैं। इसके अतिरिक्त यह अस्थमा, मधुमेह,  उच्च रक्तचाप,  एड्स और त्वचा की स्थिति जैसे सोरायसिस, एक्जिमा और मुँहासे के लिए अधिक प्रयोग किया जाता है।जस्ता एक धातु है। इसे “आवश्यक ट्रेस तत्व” कहा जाता है क्योंकि मानव स्वास्थ्य के लिए जस्ता (जिंक) की बहुत कम मात्रा आवश्यक होती है।

जिंक प्रकति में पाई जाने वाली एक आवश्यक धातु है। इसकी बहुत सीमित मात्रा मानव शरीर के लिए अतिआवश्यक होती है। इसकी कमी और अधिकता मानव शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है। जस्ते की कमी के कारण उत्पन्न लक्षणों के निवारण और उपचार के लिए जस्ता (जिंक) का उपयोग किया जाता है। जिंक की पूर्ति मानव शरीर को विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों एवं कैप्सूल और टैबलेट के माध्यम से की जा सकती है। जस्ता की अधिक मात्रा मानव स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डाल सकती है। अतः आज के इस लेख में आप जानेंगे कि जस्ता क्या है, इसके लाभ और नुकसान क्या-क्या हैं।

जिंक के फायदे – Benefits of Zinc in Hindi

o   सेहत के लिए बहुत ही जरूरी है जिंक, इन खाने की चीजों से कर सकते हैं पूर्ति

o   जिंक से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल हमें मिलते हैं। रोग-प्रतिरोधक प्रणाली, स्किन और जख्मों के लिए ये महत्वपूर्ण उपचार की भूमिका निभाता है।

o   आयरन और कैल्शियम की तरह ही जिंक भी महत्वपूर्ण मिनरल में से एक है। जिंक से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल हमें मिलते हैं। रोग-प्रतिरोधक प्रणाली, स्किन और जख्मों के लिए ये महत्वपूर्ण उपचार की भूमिका निभाता है।

o   शरीर में जिंक की कमी के कारण प्रतिरोधक क्षमता में कमी, स्किन की समस्या, आंखों में समस्या और इसके अलावा अन्य कई समस्याएं होने लगती हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जिंक के सेवन से डायबिटीज की समस्या को ठीक किया जा सकता है। कुछ ऐसे आहार हैं, जिससे आप जिंक शरीर में की कमी को दूर कर सकते हैं।

o   जस्ता प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाने, सही ढंग से डीएनए संश्लेषित करने, बचपन के समय स्वस्थ विकास को बढ़ावा देना और घावों के उपचार के लिए महत्वपूर्ण है।

o   मानव शरीर को टी लिम्फोसाइट (टी कोशिकाओं) को सक्रिय बनाने के लिए जस्ता अति महत्वपूर्ण होता है। टी कोशिकाएं शरीर के लिए दो तरह से महत्वपूर्ण होती है:

o   प्रतिरक्षा सम्बन्धी प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित और संचालित करने के लिए,

o   संक्रमित कोशिकाओं या कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए,

o   शरीर में जस्ता की मात्रा में कमी प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। एक अध्ययन के अनुसार “जस्ता की कमी वाले व्यक्तियों में विभिन्न रोगों के होने की संभावनाएँ बहुत अधिक होती है।”

खनिज पदार्थ

जिंक प्रकति में पाई जाने वाली एक आवश्यक धातु है। इसकी बहुत सीमित मात्रा मानव शरीर के लिए अतिआवश्यक होती है। इसकी कमी और अधिकता मानव शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है। जस्ते की कमी के कारण उत्पन्न लक्षणों के निवारण और उपचार के लिए जस्ता (जिंक) का उपयोग किया जाता है। जिंक की पूर्ति मानव शरीर को विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों एवं कैप्सूल और टैबलेट के माध्यम से की जा सकती है। जस्ता की अधिक मात्रा मानव स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डाल सकती है। अतः आज के इस लेख में आप जानेंगे कि जस्ता क्या है, इसके लाभ और नुकसान क्या-क्या हैं।

जिंक के कुछ स्वास्थ्य लाभ निम्नलिखित हैं

जस्ता के फायदे करे प्रतिरक्षा कार्य प्रणाली का नियंत्रण – मानव शरीर को टी लिम्फोसाइट (टी कोशिकाओं) को सक्रिय बनाने के लिए जस्ता अति महत्वपूर्ण होता है। टी कोशिकाएं शरीर के लिए दो तरह से महत्वपूर्ण होती है।

संक्रमित कोशिकाओं या कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए – शरीर में जस्ता की मात्रा में कमी प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। एक अध्ययन के अनुसार “जस्ता की कमी वाले व्यक्तियों में विभिन्न रोगों के होने की संभावनाएँ बहुत अधिक होती है।”

जिंक युक्त भोजन से मुँहासे का इलाज – शोध से पता चलता है कि मुँहासे वाले लोगों के रक्त और त्वचा में जस्ता का स्तर कम होता है। मुँहासे के इलाज के लिए जिंक सल्फेट सप्लीमेंट अत्यधिक प्रभावी परिणाम देता है।

दस्त में जिंक के फायदे – विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दस्त के कारण हर साल 50 लाख बच्चों में से लगभग 16 लाख बच्चे अति गंभीर हालत के कारण मोत का शिकार हो जाते हैं। जिंक गोलियां दस्त को कम करने में मदद करती हैं। जस्ता (जिंक) की गोलियों का 10-दिनों तक नियमित सेवन, दस्त के इलाज में प्रभावी भूमिका निभाती है और इस स्थिति को भविष्य में दोबारा होने से रोकने में भी मदद करती हैं।

जस्ता के स्रोत – Sources of Zinc in Hindi

भोजन में जिंक के स्त्रोत

  • मांसाहारी भोजन (लगभग 2-10 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम मांस) और अण्डे जिंक के प्रचुर स्त्रोत हैं। दो अंडे में लगभग 1.2 मिलीग्राम जिंक हो सकता है। 6 ओएस्टर में लगभग 27-50 मिलीग्राम तक जिंक हो सकता है।
  • 250एम्एल दूध में लगभग 1 मिलीग्राम जिंक हो सकता है। इतना ही जिंक लगभग 150 ग्राम चना या बीन्स में हो सकता है। इतने ही भुने हुए सोयाबीन में लगभग 2 मिलीग्राम जिंक हो सकता है। 200 ग्राम दही (पानी निकला हुआ) में 1.5 – 2.2 मिलीग्राम जिंक हो सकता है। 120 ग्राम टोफू या पनीर ने 1.1 मिलीग्राम जिंक हो सकता है।
  • सामान्य तौर पर उगाए गए गेहूं में प्रति100 ग्राम, 2.6 मिलीग्राम जिंक हो सकता है। औसतन मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी अदि) में भी इतना ही जिंक पाया जाता है। अगर खेत में जिंक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है या माइक्रोन्यूट्रिएन्ट खाद के तौर पर डाला गया है तो प्रति 100 ग्राम गेहूं 5 मिलीग्राम तक जिंक हो सकता है।

मानव शरीर में जिंक के विभिन्न रोल हैं, और कई अभी भी खोजे जा रहे हैं:

जिंक के विषय में हमारी जानकारी अपेक्षाकृत नई है और अभी भी विभिन्न स्तरों पर खोजें जारी है. मानव शरीर की जैविक क्रियाओं के लिए जिंक अति महत्वपूर्ण तत्व है। वैसे जिंक शारीरिक विकास, प्रतिरक्षा तंत्र, और न्यूरोन्स की क्रियाविधि के लिए जरुरी तत्व है। मानव शरीर के लगभग 300 ज्ञात प्रोटीन्स ऐसे हैं जिनकी क्रियाशीलता जिंक पर निर्भर है। कंप्यूटर मॉडलिंग के आधार पर इन प्रोटीन्स संख्या 3000 के आसपास होने कि संभावना व्यक्त की जा रही है।

जिंक, कोशिका की गतिविधि को जेनेटिक लेवल कण्ट्रोल करने के लिए ट्रांसक्रिप्शन फैक्टर्स और कोशिकीय सूचनाओं के संदेशवाहक प्रोटीन्स का हिस्सा बनता है। इन प्रोटीन्स में जिंक को स्थान देने के लिए खास प्रकार कि संरचना पाई जाती है जिसे जिंक फिंगर कहा जाता है। इन जिंक फिंगर प्रोटीन्स के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की ये प्रोटीन्स एस्ट्रोजन, थयरोइड हार्मोन, विटामिन ऐ और डी के बॉन्डिंग और रेस्पॉन्स के लिए जरूरी होते हैं। जिंक की कमी से विटामिन ऐ की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि जिंक उस प्रोटीन का हिस्सा है जो विटामिन ऐ का रक्त में परिवहन करता है। जिंक उस एंजाइम का भी हिस्सा है जो विटामिन ऐ से रेटिनॉल और रहोडोप्सिन (आँखों के प्रकाश ग्राही) का निर्माण करता है, जिससे हमें देखने की क्षमता प्राप्त होती है। इसप्रकार जिंक की कमी रतौंधी से भी जुड़ी हुई है। विटामिन बी9 यानी फोलेट का अवशोषण भी एक जिंक आधारित एंजाइम पर निर्भर करता है।

यह स्थापित हो चुका है जिंक की सामान्य कमी ही कई प्रकार की शारीरिक असामान्यताओं और रोगों का कारण बनती है, परन्तु शरीर में जिंक का स्तर देखने के लिए अब तक कोई विश्वसनीय विधि नहीं बन पाई है। रक्त में जिंक का सामान्य स्तर कितना होना चाहिये इस पर भी अभी एकराय नहीं है. सामायतः जिंक रक्त में सर्कुलेट होने कि जगह कोशिका के भीतर अपना स्थान पाता है. टारगेट प्रोटीन्स इसे शीघ्रता से ग्रहण कर लेते हैं. जिंक का कार्य स्थल और स्टोर हाउस कोशिका और उसके भीतर के कोशिकांग होते हैं, जिसे आवश्यकता पड़ने पर कोशिका के भीतर से फिर से रिलीज़ कर दिया जाता है। आवश्यकता से अधिक होने पर और सामान्य रूप से भी जिंक हमारे शरीर से नियमित रूप से मल मूत्र द्वारा उत्सर्जित होता रहता है अर्थात शरीर में इसका लेवल बनाये रखने के लिए भोजन य सप्लिमेंट के माध्यम से जिंक का इन्टेक जरुरी है।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए ये हैं जिंग के सबसे बेस्ट स्रोत

1. तरबूज के बीज – जब आप रसदार तरबूज फल को काटने की जल्दी करते हैं, तो इसके बीजों को न फेंकें। डाइटिशियन डॉ. सिमरन सैनी तरबूज के बीजों को जिंक का अच्छा स्रोत बताती हैं। “तरबूज के बीज में अच्छी मात्रा में जस्ता और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे पोटेशियम और तांबा होते हैं। मैं सप्ताह में 2-3 बार लगभग आधा चम्मच तरबूज के बीज लेने की सलाह देता हूं।” बीजों को सुखा सकते हैं और नाश्ते के रूप में खा सकते हैं या आप उन्हें पीसकर अपने भोजन में भी शामिल कर सकते हैं।

2. मछली – मछली जिंक का एक उत्कृष्ट स्रोत है। डॉ. अंशुल जयभारत हफ्ते में कम से कम दो बार मछली का सेवन करने का सुझाव देते हैं। चिकन और मेमने जैसे मांस उत्पाद भी अच्छे विकल्प हैं। जिंक से भरपूर इन चीजों का सेवन आपको इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करेगा।

3 अंडे – संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग (यूएसडीए) के आंकड़ों के अनुसार एक बड़े अंडे में लगभग 5 प्रतिशत (0.6 मिलीग्राम) जिंक होता है। रोजाना अंडे खाने की कोशिश करें। इससे आपको इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद मिल सकती है।

4. दही – दही दही हमारे आंतों के लिए अच्छे बैक्टीरिया देता है, और प्रतिरक्षा के लिए पर्याप्त जिंक भी प्रदान करता है। दही गर्मियों में शीतलन प्रभाव, अच्छे पाचन और मजबूत इम्यूनिटी के लिए सबसे अच्छा भोजन है। आप रोजाना दही का सेवन कर इम्यून सिस्टम को बेहतर बना सकते हैं।

5. नट और बीज – सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट, किशमिश और काजू को सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, भांग के बीज और तिल में भी काफी मात्रा जिंक होता है। इस मिश्रण का उपयोग स्नैकिंग भोजन के रूप में या सलाद, मिठाई और अनाज को गार्निश करने के लिए कर सकते हैं। इससे भी आपको इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

6. चने – चने आमतौर पर भारतीय भोजन बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। यूऐसडीऐव के अनुसार, सफेद रंग की फलियां अच्छी मात्रा में जिंक (1.53 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम जिंक) प्रदान करती हैं। आप चने का सेवन कर भी इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

7. जामुन – जामुन का सेवन करने से भी आप जिंक की मात्रा को बढ़ा सकते हैं। जामुन में भी काफी मात्रा में जिंक होता है। ब्लूबेरी, रसभरी में अन्य पोषक तत्वों के साथ जिंक काफी मात्रा में पाया जाता है। अगर आप इन फलों का सेवन करते हैं तो आपको इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

शरीर में जिंक का निर्माण नहीं होता अतः खाने पीने की चीजों से ही जिंक प्राप्त करना पड़ता है। एक पुरुष को रोजाना लगभग 11 एमजी और महिला को लगभग 9 एमजी जिंक की जरूरत होती है।

गर्भावस्था में महिलाओं को अधिक मात्रा में जिंक की जरुरत होती हैं। स्तनपान करने वाले शिशु को पर्याप्त मात्रा में जिंक लगभग 2 एमजी/डे माँ के दूध से मिल जाता है। इसके बाद सिर्फ माँ का दूध पर्याप्त नहीं होता। विकास के लिए अन्य आहार से जिंक मिलना जरुरी होता है। 6 महीने से 3 साल तक के बच्चे को लगभग 5 एमजी और उसके बाद इससे कुछ अधिक मात्रा में जिंक मिलना जरुरी होता है।

बच्चों के लिए जिंक की कितनी मात्रा जरुरी है

  • बच्चों के लिए पर्याप्त मात्रा में जस्ता (जिंक) का सेवन बहुत आवश्यक होता है क्योंकि जस्ता की मात्रा में थोड़ी से भी कमी बच्चों की वृद्धि में बाधा डाल सकती है, इस स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और दस्त तथा श्वसन रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • 1 से 8 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए 3-5 मिलीग्राम जिंक की मात्रा आवश्यक होती है।
  • 9 से13 वर्ष के पुरुषों के लिए प्रति दिन 8 मिलीग्राम जस्ता की आवश्यकता होती है। 14 साल की उम्र के बाद, प्रत्येक वयस्क को
  • प्रतिदिन 11 मिलीग्राम अधिक जस्ता (जिंक) आवश्यक हो जाता है।
  • 8 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए, जस्ता (जिंक) की आवश्यकता प्रति दिन 8 मिलीग्राम पर ही स्थिर रहती है, 14 से18 आयु के लिए प्रति दिन 9 मिलीग्राम की सिफारिश की जा सकती है।
  • उम्र के आधार पर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रति दिन 11-13 मिलीग्राम जस्ता की आवश्यकता बढ़ जाती है।
  • जस्ता (जिंक) की खुराक कैप्सूल और टैबलेट के रूप में भी उपलब्ध है। चूँकि जिंक की अधिक मात्रा मानव शरीर पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। जिंक के मात्रा व्यक्तियों द्वारा एक सीमा तक ही सहन की जा सकती है। हालांकि, जिंक के लिए शरीर की सहनशीलता, 18 साल से अधिक उम्र के पुरुषों और महिलाओं के लिए 40 मिलीग्राम तक है।

जिंक की कमी से क्या नुकसान होते हैं – Side Effects of Lower Zinc in Hindi

· जिंक की कमी से बच्चो का विकास रुकना, हड्डियों का विकास कम होना, इम्यून सिस्टम कमजोर होकर बार बार सर्दी जुकाम होना, बाल ज्यादा गिरना,  पुरुष और महिला में प्रजनन सम्बन्धी दिक्कत आदि समस्याएँ हो सकती है।

· इससे उनका शारीरिक विकास अवरुद्ध हो सकता है। अतः दूध के साथ उन्हें दूसरे आहार भी जरूर दिए जाने चाहिये।

· जवान हो रहे बच्चों को स्वस्थ प्रजनन अंगों के विकास के लिए जिंक की अधिक मात्रा में जरुरत होती है। यह उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरुरी होता है।

· शुक्राणु के स्वास्थ्य और उसकी कार्यविधि सही प्रकार से होने के लिए जिंक की जरुरत होती है। शरीर में प्रोस्टेट ग्रंथि में जिंक सबसे अधिक पाया जाता है।

·वृद्ध पुरुषों में जिंक की कमी प्रोस्टेट में सूजन का कारण बन सकती है। जिंक की कमी से लड़कियों में ओव्यूलेशन की कमी , माहवारी देर से शुरू होना या बहुत कम होना आदि हो सकते हैं।

·रक्त में शक्कर की मात्रा पर कंट्रोल करने के लिए भी जिंक जरुरी होता है। जिंक की कमी हाथ पैर ठन्डे होने या ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण बन सकती है। जिंक की कमी से कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है।

·कूल्हों या घुटने के जोड़ में दर्द का कारण जिंक की कमी हो सकती है। क्योकि हड्डियों में काफी मात्रा में जिंक होता है विटामिन डी के उपयोग में भी जिंक आवश्यक होता है। जिंक की कमी का त्वचा , नाख़ून तथा आंखों पर भी विपरीत  प्रभाव होता है।

निष्कर्ष – Conclusion

ऐसे कई स्वास्थ्य लाभ हैं जो जस्ता से प्राप्त किए जा सकते हैं लेकिन बड़ी मात्रा में जस्ता लेना बहुत खतरनाक हो सकता है। उच्च जस्ता खपत के प्रतिकूल प्रभावों में उल्टी, मतली, पेट में दर्द, सिरदर्द, भूख न लगना और दस्त शामिल हैं। अत्यधिक जस्ता भी तांबे के अवशोषण को दबा सकता है। यह भी अध्ययनों के माध्यम से संकेत दिया गया है कि जस्ता के अत्यधिक सेवन से गुर्दे की पथरी का निर्माण हो सकता है ।

संदर्भ – References

(1)https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE

(2)https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A8

(3) https://www.thehealthsite.com/hindi/photo-gallery/diseases-conditions-know-the-symptoms-of-zinc-deficiency-in-hindi-h1115-344981/zinc-8-344989

(4) https://gomedii.com/blogs/hindi/kya-hriday-rog-anuvanshik-hai-in-hindi/

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