पीसीओएस (पीसीओडी) के कारण, लक्षण, परीक्षण और इलाज – PCOS Causes, Symtptoms, Diagnosis, And Treatment in Hindi

PCOS in Hindi

पीसीओएस क्या है – What is PCOS in Hindi?

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस), महिलाओं को होने वाली एक आम बीमारी है। इस रोग में महिलाओं के अंडाशय में पर सिस्ट बनने लगती हैं। इस रोग के होने के पीछे हॉर्मोनल असंतुलन और खराब खानपान व लाइफस्टाइल है। पीसीओएस होने पर महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत आ सकती है। आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में 10 से 12 प्रतिशत महिलाएं इस रोग से जूझ रही हैं। वैसे तो पीसीओएस का पूरा उपचार उपलब्ध है लेकिन यदि किसी ​रोग को घरेलू तरीकों से सही किया जा सकता है तो क्या हर्ज है? आज हम पीसीओएस अवेयरनेस मंथ के मौके पर आपको कुछ ऐसे नुस्खे बता रहे हैं जो पीसीओएस के इलाज में कारगार हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये।

पीसीओएस के लक्षण – Symptoms of PCOS in Hindi

  • किसी भी अन्य समस्या की तरह पीसीओएस के भी अपने कुछ लक्षण होते हैं, जो इसकी शुरूआत के संकेत देते हैं।
  • अत: यदि किसी महिला को ये 5 लक्षण नज़र आए तो उसे बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और अपने स्वास्थ की अच्छी तरह से जांच करानी चाहिए।
  • मासिक धर्म का सही समय पर न होना- यह पीसीओएस का प्रमुख लक्षण है जिसमें महिला के मासिक धर्म सही समय पर नहीं हो पाते हैं।
  • आमतौर पर, इसे गर्भावस्था का संकेत समझा जाता है,लेकिन अक्सर यह पीसीओएस जैसी गंभीर बीमारी की शुरूआत का कारण भी हो सकता है।
  • अधिक मात्रा में रक्तस्राव होना- यदि किसी महिला को अधिक मात्रा में रक्तस्राव होता है, तो उसे इसकी जांच अपने डॉक्टर से करानी चाहिए क्योंकि यह पीसीओएस का लक्षण हो सकता है।
  • शरीर के अंगों जैसे मुंह, पेट, कमर इत्यादि पर बालों का उगना- आपके कुछ ऐसी महिलाओं  को देखा होगा, जिनके चेहरे, हाथों इत्यादि पर पुरूषों की तरह बाल होते हैं।
  • ऐसा मुख्य रूप से हॉर्मोन अंसुतलन की वजह से होता है, जिसके कई सारे अन्य परिणाम भी हो सकते हैं। इनमें पीसीओएस की समस्या भी शामिल है।
  • मुंहासों का होना- हर महिलाओं को मुंहासों की समस्या से गुजरना पड़ता है। कुछ महिलाएं इसे आम समस्या समझती हैं और इसी कारण वे इसका इलाज सही तरीके से नहीं कराती हैं।
  • लेकिन, हर बार ऐसा करना नुकसानदायक भी साबित हो सकता है क्योंकि यह पीसीओएस जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
  • वजन का बढ़ना- यदि किसी महिला का वजन काफी अधिक होता है, तो उसे कम करने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पीसीओएस के कारण – Causes of PCOS in Hindi

  • हार्मोंस असंतुलन पीसीओएस या पीसीओडी की मुख्य वजह होता है।
  • लाइफस्टाइल पीसीओएस का एक बड़ा कारण है। बदलती जीवनशैली पौष्टिक तत्वों की कमी, कम शारीरिक व्यायाम, नशे की लत भी काफी हद तक इसकी वजह मानी जाती हैं।
  • महिलाओं की ओवरी कुछ मात्रा में पुरुष हार्मोन, जिन्हें एंड्रोजन कहा जाता है, का भी उत्पादन होता है। जब शरीर में पुरुष हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है तो यह पीसीओएस का कारण बनाता है।
  • पीसीओएस के दौरान हाइपरएंड्रोजनिसम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में ओव्यूलेशन प्रक्रिया के दौरान अंडाणु बाहर नहीं निकल पाते हैं।
  • इंसुलिन को भी पीसीओएस का एक कारण माना जाता है। हमारे शरीर में मौजूद शुगर, स्टार्च, इंसुलिन हार्मोन कई जरूरी काम करते हैं। यह भोजन को एनर्जी में बदलते हैं। लेकिन इंसुलिन के असंतुलित होन की स्थिति में एंड्रोजन हार्मोन बढ़ जाता है, जो ओव्यूलेशन को प्रभावित करता है। जो पीसीओएस की वजह बन सकता है।

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पीसीओएस का इलाज – Treatment of PCOS in Hindi

हालांकि, पीसीओएस की समस्या अधिकांश महिलाओं में देखने को मिलती है और इसकी वजह उन्हें काफी तकलीफों से भी गुजरना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद राहत की बात यह है कि यदि कोई महिला कुछ सावधानियों को बरते तो वह इसकी रोकथाम कर सकती है।

पौष्टिक भोजन करना- ऐसा माना जाता है कि हमारे खानपान का असर हमारे स्वास्थ पर पड़ता है।

यह बात पीसीओएस पर भी लागू होती है क्योंकि ऐसे बहुत सारे मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें पीसीओएस होने का प्रमुख कारण खराब खानपान होता है।

व्यायाम करना- यदि कोई व्यक्ति (महिला और पुरूष दोनों) नियमित रूप से व्यायाम करता है तो उसे किसी भी तरह की बीमारी होने की संभावना काफी कम होती है।

अत: यदि कोई महिला पीसीओएस की रोकथाम करना चाहती है तो उसे नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए।

बीएमआई को नियंत्रित रखना- पीसीओएस की समस्या उस महिला को भी हो सकती है, जिसका बीएमआई कम होता है।

इसी कारण सभी महिलाओं को अपने बीएमआई पर विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उसे कोई गंभीर बीमारी न हो।

डायबिटीज का इलाज कराना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि पीसीओएस की समस्या डायबिटीज के कारण भी होती है।

अत: डायबिटीज से पीड़ित महिला को अपने स्वास्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी तरह की समस्या होने पर इसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।

हेल्थ चेकअप कराना- यह सबसे महत्वपूर्ण चीज है, जिसका ख्याल सभी महिलाओं को रखना चाहिए।

उन्हें नियमित रूप से अपना हेल्थ चेकअप कराना चाहिए ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं और इसके अलावा यदि उन्हें शरीर में किसी बीमारी के लक्षण नज़र आते हैं तो वह समय रहते इसका इलाज करा सकें।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि वर्तमान समय में महिला स्वास्थ संबंधी कई सारी समस्याएं फैल रही हैं।

इनमें पीसीओएस भी शामिल है, जो तनावपूर्ण दौर का परिणाम है। अधिकांश महिलाएं इसकी ओर ध्यान नहीं देती हैं क्योंकि वे खुद से ज्यादा अपने प्रियजनों का ध्यान रखती हैं और इसी कारण वे इसका इलाज सही समय पर शुरू नहीं करा पाती है, लेकिन जब कुछ समय के बाद यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है तो उस स्थिति में उनके लिए उपचार विकल्प सीमित हो जाते हैं। चूंकि,ज्यादातर महिलाओं को इस बीमारी की पूर्ण जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे इसका शिकार आसानी से हो जाती हैं। अत:यह जरूरी है उनमें इस समस्या के प्रति जागरूकता को बढ़ाया जाए।

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पीसीओडी (पीसीओएस) के लिए आहार – Diet For PCOD (PCOS) in Hindi

  • पीसीओएस के लिए उपचार, एक नियम के रूप में, वजन में कमी, आहार और व्यायाम जैसे जीवन परिवर्तन के तरीके से शुरू होता है।
  • अपने शरीर के वजन का केवल 5 से 10 प्रतिशत खोने से आपके मासिक चक्र को नियंत्रित करने और पीसीओएस दुष्प्रभावों में सुधार करने में मदद मिल सकती है। वजन में कमी इसी तरह कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकते हैं, कम इंसुलिन, और कोरोनरी बीमारी और मधुमेह की संभावना कम।
  • किसी भी खाने आहार है कि आप और अधिक फिट पाने के लिए प्रोत्साहित करती है अपनी हालत का समर्थन कर सकते हैं। हो सकता है कि जैसा कि हो सकता है, कुछ खाने वाले आहार में दूसरों पर रुचि के अंक हो सकते हैं।
  • पीसीओएस के लिए खाने के आहार विषम अध्ययनों से पता चला है कि कम कार्बोहाइड्रेट आहार दोनों वजन में कमी लाने और इंसुलिन के स्तर को नीचे लाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। एक कम ग्लाइसेमिक फ़ाइल (कम-जीआई) आहार जो प्राकृतिक उत्पादों, सब्जियों और पूरे अनाज से अधिकांश शर्करा प्राप्त करता है, स्त्री चक्र को मानक वजन कम करने वाले आहार से बेहतर प्रबंधन करता है।
  • अध्ययनों के एक जोड़े की खोज की है कि किसी भी दर पर मध्यम बिजली अभ्यास के 30 मिनट तीन दिन सात दिन पीसीओ के साथ महिलाओं की सहायता के लिए और अधिक फिट हो सकता है। अभ्यास के साथ पाउंड बहा अतिरिक्त अंडाशय और इंसुलिन के स्तर में सुधार।
  • एक ठोस भोजन आहार के साथ जुड़ने पर व्यायाम बहुत अधिक उपयोगी होता है। अभ्यास के अलावा आहार आपको अकेले या तो हिमायत से अधिक वजन कम करने के लिए प्रोत्साहित करता है, और यह मधुमेह और कोरोनरी बीमारी के लिए अपने खतरों को नीचे लाता है।
  • कुछ सबूत है कि सुई चिकित्सा पीसीओएस में सुधार के साथ मदद कर सकती है, हालांकि, अधिक परीक्षा की आवश्यकता है।

जानिए पीसीओएस के कारण, लक्षण, निदान, और इलाज के बारे में डॉक्टर भावना सोकता के एक एक्सक्लूसिव वार्तालाप में zotezo के साथ

पीसीओएस के लिए ओटीसी दवा – OTC Medicine For PCOS in Hindi

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निष्कर्ष – Conclusion

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि इसमें हमने पीसीओएस की आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है। अगर आपको ये लेख पासना आया है तो इसे अपने दोस्तों और घरवालों के साथ ज़रूर साझा करे। इसके अलावा नीचे टिप्पणी अनुभाग में अपनी प्रतिक्रिया साझा करना न भूलें।

Dr. Bhawna Sokta
Doctor Bhawna Sokta is an experienced Consulting Homepath. Apart from this she is also a Clinical Psychologist and Researcher. Her several national and international research papers on Psychology have also been published. Not only this she has also been honoured with awards like India Book of Records, Proficient Young Women 2019, Asia Book of Records 2019, Forever Star India Award 2020, and Women Excellent Achievement Awards, 2020.

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