सूर्य नमस्कार के नियम, फायदे, और करने का तरीका – Surya Namaskar Steps, And Benefits in Hindi

surya namaskar in Hindi

उपक्षेप – Introduction

सूर्य नमस्कार का अर्थ हैं सूर्य को नमस्कार तथा प्रणाम करना। पूरे ब्रह्मांड मैं सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत हैं जो न केवल हम सभी को बल्कि सरे गृहों को भी रोशनी प्रदान करता हैं। यही वह कारण हैं, जो हम सभी सूर्य को नमस्कार करते हैं, जो हम सब मनुष्यो की रोशनी के साथ-साथ अनेक चीजें देता हैं। प्राचीन समय में ऋषि मुनि सूर्य भगवान की पूजा अर्चना करते थे, जिसके तत्पश्चात उन्हें अनेक रोगो से लड़ने की शक्ति मिलती थी। सूर्य नमस्कार करने से मनुष्य का मन शांत तथा शरीर स्वस्थ रहता हैं।

सूर्य नमस्कार क्या है – What is Surya Namaskar Sun Salutation in Hindi

सूर्य नमस्कार का अर्थ हैं सूर्य को नमस्कार तथा प्रणाम करना। पूरे ब्रह्मांड मैं सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत हैं जो न केवल हम सभी को बल्कि सरे गृहों को भी रोशनी प्रदान करता हैं। यही वह कारण हैं, जो हम सभी सूर्य को नमस्कार करते हैं, जो हम सब मनुष्यो की रोशनी के साथ-साथ अनेक चीजें देता हैं। प्राचीन समय में ऋषि मुनि सूर्य भगवान की पूजा अर्चना करते थे, जिसके तत्पश्चात उन्हें अनेक रोगो से लड़ने की शक्ति मिलती थी। सूर्य नमस्कार करने से मनुष्य का मन शांत तथा शरीर स्वस्थ रहता हैं। सूर्य नमस्कार एक ऐसा आसन हैं, जिसे प्रातःकाल की समय किया जाता हैं। सूर्य नमस्कार हमारे अंतर् मन और शरीर दोनों को मजबूती प्रदान करता हैं। सूर्य नमस्कार 12 शक्तिशाली पद्धति में किया जाता हैं और इसे 12 स्टैप में विभाजित किया गया हैं।

यदि आप सभी चुस्त और तंदुरूस्त रहना चाहते हैं तो, योग एक सबसे अच्छा उपाय हैं। सूर्य नमस्कार सभी वर्ग के मनुष्यों को करना चाहिए, जिससे हमारी मांसपेशीय, हमारा दिमाग और हमारा मन शांत अवस्था में रहता हैं। सूर्य नमस्कार के अनगिनत फायदे हैं, जोकि बहुत कम लोगों को इसका अनुभव हैं। हर कामयाब आदमी के पीछे योग का बड़ा महत्व रहता हैं, जिसके कारण वह अपने मन और शरीर को क़ाबू में रखता हैं। अगर हम हमारी हिस्ट्री में जाये तो हमें ये पता चलता हैं, की सभी लोग जो सफल हैं उनके जीवन में योग का अत्यंत मूल रहा हैं। वो सभी लोग अपने दिन की शुरुआत योग साधना से करते थे।

सूर्य नमस्कार के फायदे – Benefits of Surya Namaskar in Hindi

1. सूर्य नमस्कार के बहुत सारे फायदे हैं, जो हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं| सूर्य नमस्कार को प्रातः काल करने से हमारे शरीर में निखार तथा मन में एकाग्रता आती हैं। अगर हम सूर्य नमस्कार प्रातः काल नियमित रूप से करें, तो हमारे जीवन में सकारात्मक से भरी ऊर्जा शामिल हो जाएगी। इस आसन में हमें गहरी सांस लेनी होती हैं, जिसके कारण हमारा शरीर तंदुरूस्त रहता हैं और हमें हमारी सांस पर नियंत्रण रहता हैं। कई लोग अपने सांस 30 घंटे तक रोक लेते हैं वे सभी योग के अभ्यास से सम्पूर्ण करते हैं।

2. सूर्य नमस्कार का एक बहुत बड़ा फायदा हमारे पाचन क्रिया में भी होता हैं। इस योग के करने से जिन लोगों को अपच या पेट में की शिकायत रहती हैं वह सर्वाधिक रूप से खत्म हो जाती हैं। इसीलिए सूर्य नमस्कार को हमेशा खाली पेट प्रातःकाल के समय किया जाता हैं। जिसके कारण ऐसिडिटी जैसी समस्याएं मनुष्य से दूर रहेंगी।

3. जिन लोगों को पेट बढ़ने की शिकायत रहती हैं, उन लोगों के लिए भी सूर्य नमस्कार लाभदायक हैं। यह एक तरह की कसरत हैं। महान वैज्ञानिकों ने भी यह बताया हैं कि सूर्य नमस्कार करने से मांसपेशियां मजबूत रहती हैं, और अगर हम इसका निरंतर अभ्यास करें तो पेट की चर्बी भी कम हो जाती हैं। पूरे विश्व में कई सारे उदाहरण आपको मिल जाएंगे जिन लोगों ने अपने पेट की चर्बी केवल योग की साधना से कम कर पाए हैं।

4. सूर्य नमस्कार करते समय हमें सांस खींचना और छोड़ना रहता हैं, जिसके कारण फेफड़ों तक हवा का अचार समान रूप से फलता हैं। तत्पश्चात हमारे शरीर में खून तक ऑक्सीजन सामान रूप से फलता हैं, जिसके कारण हमारे शरीर में अन्य हानिकारक गैसों से छुटकारा मिलता हैं। आसन करने से फेफड़ों में ताकत आती हैं तथा जीवन में कभी सांस की दिक्कत नहीं आती हैं।

5. योग आसन करने से ना केवल मन परंतु हमारा शरीर भी शांत रहता हैं। मनुष्य सारी चिंताओं से दूर हो जाता हैं, और सुख शांति का अनुभव करता हैं। सूर्य नमस्कार करने से हमारा नर्वस सिस्टम शांत रहता हैं, जिसके कारण टीवी जैसी बीमारियां मनुष्य को छू भी नहीं पाती हैं। ब्ररेन हेमरांगे जैसी भीमरिया भी हम से दूर रहती हैं।

6. सही समय पर योग करने से मनुष्य के शरीर में लचीलापन आ जाता हैं, जिसके कारण मनुष्य पहले से ज्यादा लचीला और फुर्ती सील हो जाता हैं। हमारी हड्डियों और मांसपेशियों को भी भरपूर लाभ होता हैं, सूर्य नमस्कार के रोज प्रयास से रीढ़ की हड्डियों में मजबूती आ जाती हैं, जिसके कारण हमें झुकने और घूमने में समस्या नहीं होती हैं। हमारी हड्डियां पहले से अधिक शक्ति शील हो जाती हैं।

7. सूर्य नमस्कार को करने से इंसान का नूर बढ़ता हैं, और आजीवन जवान रहता हैं। सूर्य नमस्कार करने से मनुष्य के जीवन में झुर्रियां बहुत समय बाद आती हैं, और इंसान अपनी उम्र से काम की उम्र का लगता हैं। यह आसन करने से हमारी स्किन मैं भी निखार आ जाता हैं। जिसके कारण हमें बाहरी क्रीम पाउडर का उपयोग करना नहीं पड़ता।

8. जिन लोगों को अपना वजन कम करना हैं उनके लिए सूर्य नमस्कार एक जड़ी बूटी हैं। नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से वजन कम करने में हमें मदद मिलती हैं। जिसके कारण मनुष्य की चर्बी घटती हैं और शरीर मजबूत बनता हैं। वैसे देखा जाए तो सूर्य नमस्कार के बहुत सारे फायदे हैं, परंतु यह उन में से एक बहुत अच्छा फायदा। पूरे विश्व में 90 परसैंट मनुष्य को पेट बढ़ने की समस्या होती हैं, जिसके कारण बहुत सारी बीमारियां उन्हें जकड़ लेती हैं, तो इसका सिर्फ एकमात्र उपाय हैं आसन करना।

सूर्य नमस्कार कब करना चाहिए – When To Do Surya Namaskar in Hindi

सूर्य नमस्कार करने का सही समय प्रातः काल सुबह सूर्य उदय होने पर होता हैं। सूर्य की पहली किरण पढ़ने से ही सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती हैं, और शरीर अत्यधिक ऊर्जा बढ़ जाती हैं। प्रातःकाल सूर्य को देखकर और खाली पेट सूर्य नमस्कार करना चाहिए। सुबह की शुरुआत सूर्य नमस्कार के करने से हमारा दिन अच्छा जाता हैं, तथा पूरे दिन ताज़गी बनी रहती हैं। सूर्य नमस्कार को खुली हवा में तथा खाली जगह पर करना चाहिए।

सूर्य नमस्कार करते समय हमें कपड़ों का अत्यधिक रूप से ध्यान रखना होता हैं। ध्यान देने वाली बात यह हैं कि हमें ऐसे कपड़े नहीं पहनना चाहिए जिसके कारण हमें आसन करने में कोई कठिनाई हो। हम हमारे घर में भी सूर्य नमस्कार बहुत ही आसानी से कर सकते हैं।

और पढ़ें: वायु मुद्रा करने का सही तरीका और फायदे

सूर्य नमस्कार मुद्रा करने का तरीका – Steps to do Surya Namaskar in Hindi

सूर्य नमस्कार के 12 आसन कुछ इस प्रकार हैं:

1. प्रथम आसन जिसे प्रेयर रोज भी कहा जाता हैं। इसमें सूरज की तरफ चेहरा करके अपने दोनों पैरो को जुड़ा जाता हैं, और कमर को सीधी रखना पड़ता है। फिर अपने हाथों को जुड़ कर पास लाए और उसके बाद  दोनों हथेलियों को मिलाकर प्रणाम की अवस्था बनाएं।

2. दूसरा पोजीशन हस्तउत्तानासन का होता हैं, जिसमें हमें अपने हाथों को जुड़ कर अपने सर का ऊपर उठाते  हैं, फिर अपनी कमर को थोड़ा झुकये और हाथो को  प्रणाम की अवस्था में ही पीछे की ओर ले जाएं  |

3. ये तीसरा पद हैं, जिसे हस्तपाद आसन कहा जाता हैं| अब धीरे-धीरे सांस छोड़ें और आगे की ओर झुकते हुए हाथों से पैरों की उंगलियों को छुएं जिससे आपकी हड़िया मजबूत होगी और बॉडी में लचीलापैन आएगा । फिर इसके बाद आपका सिर घुटनों से मिला होना चाहिए।

4. ये चौथा चरण हैं, जिसे अश्व संचालन आसन का नाम दिया गया हैं| हमें अपने पैर थोड़ा पीछे फैलाने होते हैं और धीरे धीरे सांस लेना होता हैं| आगे सीधे पैर का घुटना जमीन से मिलना चाहिए और फिर अपने दूसरे पैर को घुटने से मोड़ें| अपनी हथेलियों को धरती पर सीधा रखें और अपने सिर को आसमान की ओर रखें।

5. पर्वत आसन में आप अपनी सांस छोड़ते हुए अपने दोनों पैरो तथा हाथों को सीधा रखे  और पूछ उप जैसी पोजीशन में आ जाईये ।

6. अष्टांग नमस्कार करते समय आप अपनी सांस लेते हुए सीने, हाथों, पैरो और गुठनो को धरती से मिलते हैं और फिर हम कुछ समय के लिए अपनी सांस को रोकते हैं।

7. इस आसान को भुजंग आसन भी कहा जाता हैं, कुछ लोग इससे और भी नाम से जानते हैं| इसमें अपनी हथेलियों को नीचे जमीन में रख कर अपने पेट को जमीन से मिलते है और जितना हो सके अपने सिर आसमान की ओर जितना हो सके झुकाएं।

8. इसे पर्वत आसन इस लिए कहा जाता कीयोकी इसमें पर्वत का निर्माण होता हैं। पर्वतासन के अभ्यास के लिए आप अपने पैरों को जमीन पर सीधा रखें और आप अपने कूल्हे को ऊपर की ओर उठाएं उतना ही जितना आपसे बनसके और फिर आप अपनी सांस को छोड़ते हुए कंधों को सीधा रखिये और अपने अपने सिर को अंदर की तरफ रखें।

9. अश्वसंचालन आसन करते समय अपने पैरो को पीछे फलाना होता हैं| आपके सीधे पैर का घुटना जमीन से मिलना चाहिए और अपनी हथेलियों को जमीन पर सीधा रखें |

10.पादहस्तासन इस पद में हमें धीरे-धीरे सांस छोड़ना पड़ता हैं। अपना सर घुटनों से टंच होना और हाथ पैरो से टंच होना चाहिए। इस आसान को पादहस्तासन के नाम से लोग जानते हैं।

11. हस्तउत्तनासन में हमें खड़े होकर अपने हाथों को अपने सर के ऊपर उठाते हैं। फिर अपने हाथों को नमस्कार की अवस्था में पीछे की ओर ले जाये और अपनी कमर को पीछे की तरफ झुकाये जिससे हाफ़ चाँद का शेप बन पाए।

12. प्रणामासन आसान को थे प्रेयर पोज़ आसान भी कहा जाता हैं। इसमें अपनी कमर को सीधी करके फिर पैरों को मिलान होता हैं और सूरज की तरफ देख कर करना होता हैं। अब अपने हाथों को सीने के नजदीक लाएं और फिर दोनों हथेलियों को मिलाकर प्रणाम की अवस्था बनाए, जिससे ये आसान अब पूरा होता हैं|

शुरुआती लोगों के लिए सूर्य नमस्कार करने के लिए टिप्स – Beginner’s Tip to do Surya Namaskar in Hindi

यदि हम कोई भी आसान करते हैं तो उसमें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं। जो लोग पहली बार सूर्य नमस्कार करते है उनका मन नहीं लगता है| परंतु इसके फायदे देखते हुए सूर्य नमस्कार हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान लगता हैं। शुरुआती लोगों के लिए यह आसन एक दिन छोड़कर एक दिन करने के लिए लाभदायक होगा। इससे उन्हें या आसान करने में कुछ सहायता मिलेगी। जब एक महीना हम इस पद्धति से करेंगे तो यह हमारे दिनचर्या में भी शामिल हो जाएगा, इसीलिए सूर्य नमस्कार करते समय हमें उन लोगों पर ज्यादा प्रेशर नहीं बनाना चाहिए जिन लोगों ने सूर्य नमस्कार अभी-अभी प्रारंभ किया हैं।

सूर्य नमस्कार के लिए कुछ सावधानियां – Precautions for Surya Namaskar In Hindi

सूर्य नमस्कार करते समय नियमित रूप से कुछ सावधानियां लेना आवश्यक हैं।

1. आसन करते समय बैठने के तरीके के ऊपर हमें सावधानी बरतनी चाहिए। यह तय करना आवश्यक हैं कि जमीन उबड़ खाबड़ नहीं फ्लैट हो।

2. सूर्य नमस्कार खाली पेट करना चाहिए।

3. सांस लेने की प्रक्रिया सही होना चाहिए, यदि हम सही ढंग से सांस नहीं लेंगे तो यह हमारे फेफड़ों पर गलत असर कर सकता हैं।

यदि हम यह सारी सावधानियां बरसेंगे तो सूर्य नमस्कार हमारे जीवन में बहुत बड़ा मूल्य साबित होगा। काफी लोग इसका उपयोग प्रातःकाल के समय करते हैं, जिससे उनका सारा दिन अच्छा बीतता  हैं। ऋषि-मुनियों द्वारा सिद्ध किया गया हैं कि प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करने से आपकी  आयु दुगुनी हो जाती हैं और रोग दोषों से मुक्ति प्राप्त होती हैं।

सूर्य नमस्कार के बाद कौन से आसन करना चाहिए – Which Asanas Should Be Done After Surya Namaskar in Hindi

सूर्य नमस्कार एक ऐसा आसान हैं, जिसे हम 12 पदों में करते हैं। सूर्य नमस्कार करने के बाद यह बहुत आवश्यक हैं कि हम हमारे शरीर को आराम दे और मस्तिष्क को शांत रखें। सूर्य नमस्कार करने के बाद हमें कुछ समय का विश्राम करना चाहिए तथा सवासना आसन में रहना चाहिए। यह आसन करने से एनर्जी का विश्राम आपकी बॉडी में रहता हैं जिससे दिन भर के लिए हम स्वस्थ और तंदुरूस्त रहते हैं।

और पढ़ें: भुजंगासन करने का सही तरीका, फायदे और सावधानियां

निष्कर्ष – Conclusion

सूर्य नमस्कार इंसान के मस्तिष्क तथा उसके शरीर पर नियंत्रण करने के लिए शक्ति प्रदान करता हैं। निरंतर प्रातःकाल के समय उपरांत इसको करने से इंसान को बहुत सारे लाभ प्राप्त होते हैं, जिसके कारण मनुष्य उस शक्ति को अपने सकारात्मक कामों में लगा सकता हैं। सूर्य नमस्कार हमारे जीवन में लाभकारी सिद्ध होगा अगर हम इसका नियमित रूप से आसान करे। हमें प्रतिदिन सूर्य नमस्कार को अपने दिनचर्या के रूप में प्रारंभ करना चाहिए। जिसके कारण अनेक दोषों का नाश होता हैं समृद्धि होती हैं। इस आसन को कोई भी उम्र का बच्चा, बूढ़ा तथा जवान मनुष्य भी कर सकता हैं, जो उनके जीवन में लाभकारी सिद्ध होने का तथ्य भी रखता हैं, इसलिए हमें प्रातः काल सूर्य भगवान के सामने चटाई बिछाकर सूर्य नमस्कार का आसन करना चाहिए।

संदर्भ – References

1. Cruz Bay Publishing. A Beginner’s Guide to the Chakras. Yoga Journal Podcasts Yoga

2. Isha Foundation. Benefits of Surya Namaskar: How It Transforms Your System. Isha Yoga Center

3. Art of living. Surya Namaskar – A complete detailed guide for a perfect yoga workout

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